सैंज पावर प्रोजेक्ट ने बनाया रिकार्ड

सैंज—प्रदेश सरकार की प्रतिष्ठित 100 मेगावाट की सैंज जलविद्युत परियोजना में भारत सरकार के तय लक्ष्य से 120 मिलियन यूनिट अधिक बिजली उत्पादन हुआ है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने प्रदेश पावर निगम को सैंज हाइड्रो प्रोजेक्ट में 322.22 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन करने का लक्ष्य दिया था। जबकि इस दौरान 402.89 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादित हुई है और वह भी पांच एडवांस ही। लिहाजा, जल स्तर के साथ उठ रही सैंज नदी की खामोश लहरों ने ऊर्जा उत्पादन में नया रिकार्ड स्थापित कर प्रदेश पावर निगम के सीने पर एक और तमगा जड़ दिया है। हिंदू नव वर्ष का आगाज मानो सैंज हाइड्रो प्रोजेक्ट के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है। सैंज हाइड्रो प्रोजेक्ट से मिली जानकारी के अनुसार सैंज प्रोजेक्ट में गत वर्ष की तुलना में 267.89 मिलियन यूनिट अधिक बिजली उत्पादन हुआ है। वर्ष 2017-18 में यहां सैंज प्रोजेक्ट में 134.89 मिलियन यूनिट बिजली पैदा हुई। जबकि वर्ष 2018-19 में 402.89 मिलियन यूनिट लक्ष्य से पूर्व ही रिकार्ड तोड़ बिजली पैदा की गई। सैंज हाइड्रो प्रोजेक्ट के प्रशासनिक अधिकारी अनूप गौतम की माने तो विद्युत उत्पादन के लक्ष्य को पाने के लिए सैंज नदी की निर्मल लहरेंं उनके अनुकूल बही। कम सिल्ट के चलते यह मुकाम हासिल कर सकें हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की विद्युत नीति के अनुसार लक्ष्य की पूर्ति के लिए प्रदेश पावर निगम व परियोजना प्रबंधन लगातार प्रयासरत हैं। बता दें कि सैंज परियोजना प्रबंधन ने अपने बिजली उत्पादन की शुरुआत से लेकर अभी तक 537.87 मिलियन यूनिट बिजली का सकल उत्पादन कर एक नया आयाम स्थापित किया है। यह उपलब्धि प्रदेश पावर निगम सहित प्रदेश सरकार के लिए काफी महत्त्वपूर्ण है। निगम ने सैंज प्रोजेक्ट में पांच माह पूर्व ही लक्ष्य हासिल किया है और आगामी वित्तीय वर्ष में भी सभी कर्मचारी व अधिकारीगण मिलजुल कर विद्युत उत्पादन के आयाम स्थापित करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। बहरहाल सैंज हाइड्रो प्रोजेक्ट में रिकार्ड विद्युत उत्पादन कर प्रदेश पावर निगम प्रबंधन के लिए बधाइयों का दौर है।

You might also like