सैलानियों की पहुंच से दूर ब्रह्मा-विष्णु-महेश

भुंतर –धार्मिक स्थलों को पर्यटन से जोड़ने की सरकार की कवायत सियासी पटरी पर हिचकोले खा रही है। दशकों से सियासतदान चुनावों में युवाओं के वोट लेने की खातिर धार्मिक स्थलों को विकसित कर इन्हे पर्यटन से जोड़ने का स्वांग रचा रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। जिला कुल्लू में ब्रह्मा-विष्णु-महेश के दरबार सैलानियों को पहंुचाने के नाम पर सियासी वादे पूरे नहीं हो पा रहे हैं। जिला के खोखण-दियार-बिजली महादेव में मौजूद इन तीन देवताओं के देवालयों तक पहुंचने की तमन्ना पाले कई धार्मिक सैलानी निम्न स्तर की सुविधाओं के कारण यहां पहुंच नहीं पा रहे हैं। तीनों ही मंदिरों को एक दूसरे से जोड़ने की लिए दशकों से योजनाएं तो बन रही है लेकिन एक भी ऐसी योजना मूर्त रूप नहीं ले पा रही है। बताते चलें कि भुंतर से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर खोखण में देवता आदि ब्रह्मा प्राचीन खूबसूरत मंदिर है जो 16वीं सदी में पहाड़ी और पैगोडा शैली का मिश्रित रूप है। दूसरी ओर दियार में भगवान विष्णु के स्वरूप देवता त्रियुगी नारायण का ऐतिहासिक मंदिर है। भंुतर से ही महज 20 किलोमीटर की दूर पहाड़ी पर बिजली महादेव का मंदिर है जो आसमानी बिजली गिरने के कारण दुनिया में प्रसिद्ध है। तीनों ही मंदिरों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि रही है और यहां दर्शन के लिए सैलानी भी हजारों की तादाद में हर साल आते हैं। सालों पहले सरकार ने तीनों मंदिरों को एक साथ जोड़ने की योजना बनाने का भरोसा दिलाया था लेकिन आज तक भी कोई योजना ऐसी नहीं बन पाई है जो सैलानियों को एक साथ तीनों ही देवताओं के द्वार पर पहुंचा सके। बेहद निम्न स्तर की सड़क और अन्य सुविधाओं के कारण इन मंदिरों मंे प्रतिष्ठा के अनुरूप सैलानी पहुंच नहीं पा रहे हैं। बिजली महादेव के लिए सालों से सरकार रोप-वे सियासी पुलाव बना रही है तो दियार में रहने के लिए सैलानियों को ठिकाना नहीं मिल रहा है। खोखण के मंदिर के लिए तो सैलानियों को रास्ते का पता तक नहीं है। मतदाताओं के अनुसार अगर सरकार तीनों ही मंदिरों तक सैलानियों को पहुंचाने की व्यवस्था करती है तो इससे स्वरोजगार के साधन लोगों को मिलेंगे लेकिन इस पर राजनैतिक कमजोर इच्छा शक्ति हावी हो रही हैं। घाटी के युवा मतदाताओं के अनुसार इस बार चुनावों में उस पार्टी व नेताओं का समर्थन किया जाएगा जो इस पर कार्य करने का भरोसा दिलाए और इसके बारे में योजना बनाने का कार्य कर सके।

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