सोलन मुरारी मार्केट में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर प्रवचन

सोलन—सोलन मुरारी मार्केट में हिमाचल नर हरि सेवा समिति के माध्यम से चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन व्यास आसन पर विराजमान आचार्य कमलकांत महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं मन को आनंद और सुकून प्रदान करने वाली हैं। श्रीकृष्ण और बलराम जी का यज्ञोपवीत संस्कार और गुरुकुल में प्रवेश की कथा का वर्णन किया। महाराज ने बताया कि भगवान की प्राप्ति ज्ञान से, चतुराई से, बुद्धिमानी से नहीं होती बल्कि प्रेम एवं समर्पण से होती है। कथा में बलराम  के विवाह एवं उसके पश्चात भगवान श्रीकृष्ण का विवाह रुकमणी  के साथ बड़े हर्षोल्लास के साथ सभी श्रद्धालुओं के बीच मनाया तथा भगवान के 16,108 विवाहों का सुंदर वर्णन किया। भगवान की दिनचर्या का वर्णन करते हुए आचार्य ने कहा कि आज के समय में शिक्षा के साथ संस्कारों की भी आवश्यकता है। अंत में सुदामा चरित्र का व्याख्यान करते हुए बताया कि मित्रता कैसी होनी चाहिए, जिसका ज्ञान भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा जी की मित्राता से होता है क्योंकि आज के समय में मित्रता कोई तभी करता है जब कोई स्वार्थ होता है।

You might also like