स्कूलों में एसएमसी का रोल बढ़ा

जिला की सरकारी पाठशालाओं में शगुन उत्सव के बहाने होगा औचक निरीक्षण

शिमला -शिमला के सरकारी स्कूलों में एक साल में कितना विकास हुआ और सरकार की ओर से दिए गए बजट को कितना खर्च किया गया, इन सभी पहलुओं पर अब एसएमसी कमेटी नजर रखेगी। सरकार अब जल्द ही जिला शिक्षा विभाग को इस बारे में आदेश जारी करने वाली है। बता दें कि शिमला के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पर भी सरकारी स्कूल होंगे, वहां की एसएमसी कमेटी और क्षेत्र के आस पास के लोग अब सरकारी स्कूलों की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। बता दें कि क्षेत्र के लोग खुद बताएंगे कि उनके स्कूल में पिछले एक साल में विकास हुआ है या नहीं। अहम यह है कि स्कूलों की व्यवस्थाओं से असंतुष्ट लोग शिक्षा विभाग के माध्यम से केंद्र सरकार तक अपनी शिकायत दर्ज भी करवा सकते हैं। सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारा गया है या नहीं, इस पर भी अब स्थानीय लोगों के अलावा एसएमसी कमेटी अपने सुझाव दे सकती है। बता दें कि अब केंद्र सरकार यह भी प्रावधान करने जा रही है कि सरकारी स्कूलों में क्षेत्र के स्थानीय लोग स्कूलों के लिखित दस्तावेज भी खंगाल सकते हैं। दिल्ली में हुई एमएचआरडी की बैठक के दौरान हिमाचल शिक्षा विभाग को सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए यह नई पहल शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिमला जिला से शगुन उत्सव के माध्यम से इसकी पहल की जा रही है। बता दें कि शगुन उत्सव के लिए केंद्र सरकार हर जिला के लिए अलग – अलग बजट का प्रावधान करेगी। केंद्र सरकार के निर्देषों के बाद शिक्षा विभाग ने शगुन उत्सव को सफल बनाने की तैयारी कर दी है। बताया जा रहा है कि इस साल से सबसे पहले सिंतबर में शिमला जिला के हर ब्लॉक से इसकी शुरूआत कर लोगों के सुझाव शिक्षा विभाग लेगा। गौर हो कि राजधानी शिमला में पहले से ही कई ऐसे सरकारी स्कूल हंै, जहां पर हालत इतनी बुरी है कि कक्षाओं में छात्रों को बैठने के लिए जगह तक नहीं है। अहम यह है कि कई स्कूलों के भवन ऐसे भी हैं, जो बहुत पुराने हैं और ये भवन गिरने की कगार पर हैं। वहीं शिमला के कई सरकारी स्कूलों के भवन किराए पर चले रहे हैं। यानी कि कई सरकारी स्कूलों के पास अपना भवन तक नहीं है। जानकारी के अनुसार शगुन उत्सव के तहत एसएमसी और क्षेत्र के लोग हर साल सिंतबर में इन सभी पहलुओं पर स्कूलों में जाकर निरीक्षण करेंगे और स्कूलों में निर्माण कार्य किस वजह से रूके हैं, इन सब पर जानकारी लेकर शिक्षा विभाग के माध्यम से केंद्र सरकार को अवगत करवाएंगे। 

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