स्वच्छता मुहिम से दूर योल

 देव गुलेरिया, योल कैंप

महात्मा गांधी के सपने ‘स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत’ को साकार करने के लिए नमो सरकार प्रतिबद्ध है। केंद्र में आसीन होते ही इस मुहिम का शुभारंभ किया गया, मगर हमारी देवभूमि में इसका कोई सकारात्मक परिणाम नजर नहीं आता है। उदाहरणतः हमारे छोटे से कस्बे योल का प्रत्यक्ष प्रमाण है। यहां न तो पंचायत है और न ही सैन्य प्रशासन का उचित नियंत्रण। न तो सड़क की सफाई होती है और न ही कूडे़दानों से कचरे का निपटान। पानी की पाइपों से रिस्ता पानी, बिजली की तारों के लटकते गुच्छे और न ही स्ट्रीट लाइट। शायद ही किसी सामाजिक संस्था और प्रशासन का ध्यान कभी इस क्षेत्र की ओर गया हो। अतः स्थानीय जनता और प्रशासन से आग्रह है कि स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।

 

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