हक को गरजे डीएलएड प्रशिक्षु

जेबीटी के लिए बीएड धारकों को मान्यता देने का किया विरोध, रोष रैली भी निकाली

जुखाला —जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान जुखाला में शिक्षण प्राप्त कर रहे डीएलएड प्रशिक्षुओं ने मंगलवार को डाइट जुखाला से गसौड़ चौक तक रोष रैली निकाल कर जमकर नारेबाजी की। बीएड धारकों को जेबीटी भर्ती के लिए मान्यता देने के फैसले का डीएलएड प्रशिक्षुओं ने जमकर विरोध किया। डीएलएड प्रशिक्षुओं का कहना है कि बीएड डिग्री होल्डर को जेबीटी भर्ती में राहत देने का निर्णय बिलकुल गलत है। इससे डीएलएड प्रशिक्षुओं के भविष्य पर संकट है। डीएलएड/जेबीटी टेट और टीजीटी टेट के विषयों में दिन-रात का अंतर है। डीएलएड/जेबीटी के प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु को प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाए जाने वाले पांच विषयों की शिक्षा प्रदान की जाती है। प्रशिक्षण के दौरान डीएलएड/जेबीटी प्रशिक्षु की स्कूलों में टीचिंग प्रैक्टिस करवा कर उन्हें प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाए जाने के लिए सक्षम किया जाता है, जबकि बीएड प्रशिक्षण में केवल मात्र विशेष संकाय को पढ़ाने का ही प्रशिक्षण दिया जाता है। उनकी टीचिंग प्रैक्टिस भी मात्र उच्च विद्यालयों में करवाई जाती है, उन्हें प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाने की कोई भी शिक्षा या अनुभव नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि बीएड धारकों के पास जेबीटी पद पर पढ़ाने का न तो कोई अनुभव है और न ही कोई शिक्षा। इसलिए  इन पदों पर केवल योग्ता धारकों को ही आवेदन करने की अनुमति दी जाए, जो कि मात्र जेबीटी/डीएलएड धारक ही है। उन्होंने बताया कि जेबीटी/डीएलएड धारक केवल मात्र जेबीटी पद के लिए ही आवेदन कर सकता है, जबकि बीएड धारक टीजीटी व पीजीटी के लिए आवेदन कर सकता है। जेबीटी/डीएलएड प्रशिक्षुओं ने कहा कि एनसीटीई ने वर्ष 2010 में जो अधिसूचना जारी की थी कि बीएड धारक जेबीटी के लिए आवेदन कर सकते है। उसमें यह भी कहा गया था कि यह अधिसूचना मात्र उन राज्यों में लागू होगी, जिन राज्यों में जेबीटी/डीएलएडधारक नहीं है, जबकि हिमाचल में आज भी हजारों जेबीटी/डीएलएड धारक बेरोजगार बैठे और हजारों लोग इस प्रशिक्षण को अभी कर रहे हैं। ऐसे में इस अधिसूचना को हिमाचल में लागू करना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने बीएड धारकों को जेबीटी के पद पर आवेदन करने की अनुमति को जल्द से जल्द रद्द करने की मांग की है, अन्यथा पूरे प्रदेशभर में जेबीटी/डीएलएड धारक आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए विवश होंगे। डीएलएड प्रशिक्षुओं का कहना है कि उनके साथ यह सरासर अन्याय है और इसका वह विरोध करते हैं। प्रदेशभर में करीब 20 हजार से ज्यादा जेबीटी डिप्लोमाधारक हंै। बीएड को भर्ती के लिए मानी करने से इनका भविष्य खतरे में है। डीएलएड प्रशिक्षुओ ने सरकार को चेताया कि अगर उनके पक्ष में फैसला नहीं हुआ तो आगामी शिक्षण सत्र का नया बैच नहीं बैठने देंगे। डाइट में कक्षाओं का विरोध किया जाएगा तथा सरकार को डिप्लोमा भी लौटा दिए जाएंगे। मंगलवार को इस रोष रैली में मुकेश, तुशिर, विवेक, अनिल, तरुण, दीक्षा गुलेरिया, सारिका, सुरेश, आशा रानी, पूजा, सुमन, पूनम, शिल्पा, किरण, सुमनलता व पूनम सहित लगभग 200 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।

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