हरिपुरधार में बिजली बोर्ड पर गरजे ग्रामीण

पिछले पांच दिन से बार-बार बत्ती गुल होने पर बाजार में की नारेबाजी

नौहराधार-हरिपुरधार -शनिवार को हरिपुरधार में बिजली बोर्ड के प्रति लोगों का गुस्सा फूटा व बाजार में ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की। गौर हो कि इससे पहले भी पिछले तीन महीने पहले लोगों ने नारेबाजी की थी, मगर इसके बाद भी विभाग की सुस्त प्रणाली बाज नहीं आई। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार विभाग को चेताया है, मगर विभाग उनकी समस्याओं को दरकिनार कर रहा है। गिरिपार कुपवी क्षेत्र की 40 से अधिक पंचायतों में पिछले पांच दिनों से विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। रोजाना दिन भर आठ से 10 घंटे तक बिजली गुल हो रही है। बार-बार हो रही ट्रिपिंग के कारण पांच मिनट के लिए भी बिजली नहीं टिक पा रही है। दो से तीन मिनट बिजली आने के बाद तीन घंटे बाद बिजली आ रही है। शनिवार को सुबह 10 बजे ही बिजली चली गई थी, जो चार बजे तक भी बहाल नहीं हो पाई थी। गुरुवार व शुक्रवार को भी दिन भर मात्र एक से डेढ़ घंटे ही बिजली आपूर्ति बहाल हो पाई। गुरुवार को जब रोनहाट में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एक चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे थे तो उस दौरान भी लगभग तीन घंटे तक बिजली गुल रही। उस दौरान जेनरेटर से काम चलाना पड़ा। बिजली गुल रहने से कई इलाकों में पेयजल संकट भी पैदा हुआ है। क्षेत्र के कई इलाकों में 80 फीसदी से ज्यादा लोग पेयजल आपूर्ति के लिए लिफ्ट पर निर्भर रहते हैं। लिफ्ट बिजली से चलती है। आइसक्रीम विक्रेताओं के फ्रिज में रखी आइसक्रीम खराब हो गई हैं, जिससे इनका लाखों का नुकसान हो गया है। पिछले पांच दिनों से हरिपुरधार बाजार में पीने के पानी के लिए हाहाकार मच गया है। कई लोगों को गाडि़यों में ढोकर पानी लाना पड़ रहा है। बाजार में पानी की समस्या इतनी विकराल हो गई है कि ढाबों में ग्राहकों को डिस्पोजल गिलास थालियों में भोजन परोसा जा रहा है। बिजली गुल होने के कारण सभी सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह से बाधित हो रहा है। उधर, इस संबंध में विद्युत बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता हरिपुरधार लवराज ने बताया कि क्षेत्र की कई लाइनों में मरम्मत कार्य चल रहा है, जिसके लिए 33 केवी चाड़ना से शट्डाउन किया गया है। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले हरिपुरधार के ट्रांसफार्मर में खराबी आ गई थी, जिसे शनिवार सुबह ठीक कर दिया गया है।

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