हर मंच पर तमाशा करते हैं वीरभद्र

शांता ने पूर्व सीएम पर साधा निशाना, कांग्रेस के पास उधार के उम्मीदवार

शिमला —पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद शांता कुमार को इस बार के चुनाव में खास मजा नहीं आ रहा है। शिमला में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश दोनों जगह विपक्ष की कमी खल रही है। भारत जैसे लोकतांत्रि देश में विपक्ष की तस्वीर पूरी तरह से धुंधली हो चुकी है, जिस कारण चुनाव में मजा नहीं आ रहा। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि वह जिस मंच पर भी जाते हैं, वहां तमाशा करते हैं। कई बार कांग्रेस के केंद्रीय नेता आनंद शर्मा को भी मंच छोड़ना पड़ा। देश और प्रदेश में भाजपा की साफ-सुथरी तस्वीर को देख कांग्रेस भी विपक्ष की भूमिका निभाना नहीं चाहती। उन्होंने नेताओं द्वारा एक-दूसरे पर की जा रही बयानबाजी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव के समय भाषा की मर्यादा पर काबू रखें। उन्होंने ऐसे नेताओं को नसीहत दी कि अपनी भाषा की मर्यादा को बनाए रखें। शांता कुमार ने कहा कि मैंने प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. वाईएस परमार से सीखा है। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर से पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम के खिलाफ मोर्चा खोला और  देश में राजनीति का स्तर गिरने की बात कही। शांता ने कहा कि कांग्रेस के उम्मीदवार उधार के हैं, भाजपा के परिवार के हैं। देश की पुरानी पार्टी सर्कस बनकर रह गई। वीरभद्र सिंह मंडी में अपने प्रत्याशी को आया राम, गया राम कह रहे हैं तो शिमला में शांडिल को पुराने पापी कहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की चारों सीटों पर भाजपा की जीत होगी।

पिछली बार भी नहीं लड़ना चाहता था चुनाव

शांता कुमार ने कहा कि पिछली बार भी वह चुनाव लड़ना नहीं चाहते थे, लेकिन पार्टी हाईकमान के बार-बार कहने पर मैदान में उतरा था और एक लाख से अधिक मतों से जीता। उन्होंने कहा कि इस बार भी कांगड़ा सीट पर भाजपा को पिछली बार से अधिक लीड मिलेगी। शांता कुमार ने कहा कि इस बार के चुनाव में पार्टी हाईकमान ने युवाओं को मौका दिया, जो शानदार फैसला है।

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