हाउस टैक्स के नाम पर अब नहीं लगेगी चपत

रामपुर बुशहर—नगर परिषद के वार्डों में लंबे समय से चली आ रही हाऊस टैक्स की चोरी अब जल्द ही रूकने वाली है। इसके लिए नगर परिषद ने ज्योग्राफिकल इनवेस्टीकेशन सिस्टम (जीआईएस) प्रक्रिया को पूरा कर लिया है। इस सिस्टम में नगर परिषद के अधीन सभी वार्डो में बने मकानों का ब्यौरा दर्ज हो गया है। जिससे अब मकान मालिक हाऊस टैक्स से बचने के लिए अपने किरायदारों व वसूले जा रहे किरायें की सही जानकारी को छुपा नही सकेगा। इस सिस्टम के शुरू हो जाने के बाद नगर परिषद को काफी फायदा होगा। जानकारी के मुताबिक अब नगर परिषद् के पास पूरा रिकार्ड होगा कि किस मकान मालिक के कितने किराएदार है। साथ ही वह मकान मालिक कितना किराया वसूल रहा है। यानि अब अगर कोई मकान मालिक किसी किराएदार से 5 हजार रूपए प्रति माह किराया वसूल रहा है तो उसे 500 रूपए प्रति माह नगर परिषद् को बतौर टैक्स देना ही पड़ेगा। नगर परिषद् का कहना है कि मकान मालिक अक्सर ये करते थे कि किराएदार से बतौर किराया 5 हजार की वसूली की जा रही है और नगर परिषद् को ज्यादा टैक्स न देने की फिराक में वह किराए को महज 2 हजार तक ही शो करते थे। साथ ही मकान मालिक अपने भवन में कितने किराएदार है इस बात को भी नगर परिषद् से छुपाते आ रहे है। लेकिन अब जीआईएस से उस जगह की किराए के तौर पर तय हुई राशि को जांचा जाएगा। महज मकान मालिक के बोलने पर ही नगर परिषद् इस बात पर यकिन नहीं करेगा कि वह कितना किराया वसूल रहा है। नगर परिषद् का कहना है कि अगर 9 वार्डों से सही हाऊस टैक्स आता है तो इससे नगर परिषद् के खजाने में लाखों का इजाफा होगा। इस राशि से फिर नगर परिषद के वार्डों का विकास ही होगा।

हाउस टैक्स चोरी की तो होगी कड़ी कारवाई

नगर परिषद् ने ये साफ कर दिया है कि टैक्स चोरी अगर कोई कर रहा है तो वह सुधर जाए। अगर कोई टैक्स चोरी करता हुआ पाया गया तो नगर परिषद उस पर सख्त कार्रवाई करते हुए दी जा रही सुविधाओं को रोक देगा। यहां तक कि उक्त भवन का नक्शा और अन्य कार्य जो नगर परिषद करता है उसे रोक दिया जाएगा। ऐसे में वह अन्य सुविधाएं बिजली, पानी की सुविधा से वंचित हो सकता है।

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