हिंदी का महत्त्व समझना होगा

 राजेश कुमार चौहान

भारत में कई राज्य और कुछ केंद्र शासित प्रदेश हैं, जिनमें लोग अपनी मातृभाषा का प्रयोग करते हैं। यह अच्छी बात है कि अपनी मातृभाषा का प्रयोग करना चाहिए, लेकिन देश की राजभाषा हिंदी को भी उतना ही सम्मान देना चाहिए, जितना मातृभाषा को। आज हिंदी कुछ अंग्रेजी, तो कुछ स्थानीय भाषाओं के बीच पिस रही है। आज ज्यादातर हिंदोस्तानी भारत में रहकर अंग्रेजी के ज्ञान को अर्जित करना अपनी शान समझते हैं। आज विश्व प्रतियोगिताओं, प्रतिस्पर्धा आदि के लिए अंग्रेजी जरूरी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप हिंदी का प्रयोग करने में शर्म महसूस करें। अगर देश के हर राज्य में हिंदी का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा किया जाता है, तो यह भारत की एकता की डोर को और मजबूत करने का काम भी करेगा।

 

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