हिमाचली कलाकारों की अब होगी ग्रेडिंग

मंडी –प्रदेश के मेलों में अकसर हिमाचली कलाकारों की अनदेखी के आरोप लगते रहते हैं। यही नहीं, अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य या जिला स्तरीय मेलों में कलाकार यहां तक आरोप लगाते हैं कि प्रशासन सिफारिशी कलाकारों को मंच देने में तवज्जो देता है, लेकिन अब जल्द ही कलाकारों की यह शिकायत दूर होने वाली है। हिमाचल प्रदेश का भाषा एवं संस्कृति विभाग कल्चर पॉलिसी बना रहा है। इसके लिए बाकायदा प्रदेश के कलाकारों से पंजीकरण के लिए आवेदन मांगें जा रहे हैं। पंजीकरण के बाद एक तरह से कलाकारों की ग्रेडिंग की जाएगी और इसके बाद मेलों, सार्वजनिक या शासकीय उत्सवों में कलाकारों को उस हिसाब से प्राथमिकता दी जाएगी। बताया जा रहा है कि इस बाबत एक कलाकार ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उच्च न्यायालय से आदेश मिलने के बाद अब भाषा एवं संस्कृति विभाग ने कल्चरल पॉलिसी पर काम शुरू कर दिया है। पंजीकरण करवाने के बाद विभाग कलाकारों की विधा के रूप और अन्य मानकों पर उन्हें ग्रेडिंग दी जाएगी। इसके बाद ही उन्हें मेलों सहित अन्य कार्यक्रमों में प्राथमिकता दी जाएगी। पंजीकरण करवाने की मियाद 30 मई रखी गई है। इसमें कलाकार अपनी विधा के अनुरूप ऑनलाईन/ ऑफलाइन पंजीकरण कर सकता है। पंजीकरण करवाने के लिए या तो विभाग की गेयटी थियेटर की वेबसाइट www.gaiety.in, भूरि सिंह संग्रहालय की वेबसाइट www.bhurisinghmuseumchamba.in में आवेदन प्रपत्र प्राप्त कर सकते हैं या जिला भाषा अधिकारी कार्यालय से भी फार्म ले सकते हैं। इस बाबत किसी भी तरह की अधिक जानकारी के लिए जिला भाषा अधिकारी कार्यालयों में संपर्क किया जा सकता है।

पॉलिसी की प्रक्रिया पर रहेगी नजर

भाषा एवं संस्कृति विभाग उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद कल्चरल पॉलिसी तो बना रहा है, लेकिन इसका क्रियान्वयन कैसा रहेगा और इसमें सिफारिश तंत्र पूरी तरह से खत्म होता है या नहीं, यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

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