‘हिमाचल की आवाज’ सबसे बड़ा प्लेटफार्म

शिमला—‘हिमाचल की आवाज’ का प्लेटफार्म मिलने के बाद अब स्कूली छात्र अपनी प्रतिभा को दुनिया के सामने लाने के लिए म्यूजिक की कक्षाएं लगाना चाहते हैं। जी हां गुरुवार को शिमला में हिमाचल की आवाज सीजन-7 के ऑडिशन के बाद जब दूर-दूर से आए स्कूली छात्रों की सुरों के  ऊपर नीचे होने पर निर्णायक मंडल ने उसमें सुधार करने को कहा, तो ऐसे में छात्रों में काफी हिम्मत देखने को मिली…

हितेश शर्मा का कहना है कि यह जो प्लेटफार्म मिला है, काफी अच्छा है। यहां आकर हमें यह भी पता लगा कि हमें म्यूजिक में अभी सुधार की कितनी जरूरत है। मैं प्ले बैक सिंगर बनना चाहता हूं, वहीं अगर मौका मिला तो मुझे बालीवुड में भी गाने का शौक है।

रंजनी नेगी ने बताया कि यहां आकर बहुत अच्छा फील हो रहा है। मैं बता दूं कि दृष्टिबाधित छात्र किसी से कम नहीं होते हैं। मैं भी देख नहीं सकती, लेकिन दूसरों के लिए एक मिसाल कायम जरूर करना चाहती हूं। यही चाहती हूं कि लड़कियां अपने आप को किसी भी स्थिति में कमजोर न समझें।

प्रियांशी ने बताया कि बचपन से गाने का शौक है, आगे भी म्यूजिक की कक्षाएं लगाउंगी। हिमाचल की आवाज के मंच से मुझे एक रास्ता मिला है। मेरी लड़कियों से भी अपील है कि अपनी प्रतिभा को जागृत करें, और जो भी उनके अंदर टेलेंट है उसे पूरी दुनिया के सामने लाएं।

सौम्य मुकुल ने बताया कि हिमाचल की आवाज के माध्यम से छात्रों को जो प्लेटफार्म दिया गया है, वह काफी सराहनीय है। इस स्टेज के माध्यम से आज वे युवा कलाकर भी आगे आ रहे हैं, जो कभी दूर होने की वजह से अपनी प्रतिभा को सामने नहीं ला पाते हैं। यहां आकर मुझे भी एक राह मिली है।  

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