हिमाचल के नतीजों में होगी देरी

पोस्टल बैलेट पेपर-वीवीपैट मिलान से मध्य रात्रि तक खिसकेगालोकसभा चुनाव परिणाम

शिमला – हिमाचल में लोकसभा के नतीजों के लिए घंटों लंबा इंतजार करना पड़ेगा। प्रदेश की चार लोकसभा सीटों के लिए 85 हजार पोस्टल बैलेट पेपर और वीवीपैट की मतगणना देर रात तक संभावित है। इसके चलते चारों सीटों के नतीजों के लिए 23 मई को मध्य रात्रि तक इंतजार करना पड़ सकता है। पहली बार केंद्रीय चुनाव आयोग ने यह प्रावधान किया है कि हर विधानसभा क्षेत्र के पांच मतदान केंद्रों के वोटों की गणना वीवीपैट के आधार पर होगी। इस व्यवस्था के कारण हिमाचल के हर संसदीय क्षेत्र में 85 मतदान केंद्रों के वोटों की गिनती वीवीपैट के आधार पर होगी। इन केंद्रों में वीवीपैट और ईवीएम की गणना का मिलान किया जाएगा। किसी प्रकार के अंतर पर वीवीपैट की गणना को वैध माना जाएगा। इस कारण वीवीपैट की पर्चियों को गिनने में पांच से छह घंटे का समय लग सकता है। इसके अलावा पोस्टल बैलेट पेपरों के वोटों की गिनती के लिए भी हिमाचल में खूब पसीना बहाना पड़ सकता है। रविवार को राज्य चुनाव विभाग के अधिकारियों की केंद्रीय चुनाव आयोग से वीडियो कान्फेंसिंग में हुई बातचीत में इस ओर साफ संकेत दिए हैं कि इस बार चुनावी नतीजों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।

एक संसदीय क्षेत्र के 85 केंद्रों में गिनती वीवीपैट से

वीवीपैट के वोटों की गिनती के लिए मतदान केंद्रों का रेंडमली चयन होगा। इस आधार पर हर संसदीय क्षेत्र के 85 मतदान केंद्रों में वोटों की गिनती वीवीपैट की पर्चियों की गणना के आधार पर होगी। इन केंद्रों में ईवीएम से भी वोट गिने जाएंगे। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतगणना में वीवीपैट की गणना मान्य रहेगी।

85 हजार पोस्टल बैलेट पेपर

हिमाचल के पोस्टल बैलेट पेपर की गणना में आठ से दस घंटे का समय संभावित है। चुनाव आयोग ने इस बार प्रदेश की चारों सीटों के लिए 85 हजार पोस्टल बैलेट पेपर जारी किए हैं। स्कैनिंग के आधार पर इन वोटों की गणना जरूरी है। नियमों के तहत पोस्टल बैलेट पेपर की गणना पूरी होने पर ही ईवीएम के लास्ट राउंड की गिनती शुरू हो सकती है।

विधानसभा चुनावों में भी हुए थे लेट

विधानसभा चुनावों में सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र का परिणाम रात दस बजे घोषित हुआ था। करीब 12 घंटे तक चली वोटों की गिनती के पीछे सबसे बड़ा कारण पोस्टल बैलेट पेपर था। इस बार वीवीपैट के मतों की गणना भी होगी। इस कारण समय अब पहले से कहीं ज्यादा लगेगा। लिहाजा कांगड़ा और हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के चुनावी नतीजे देरी से आ सकते हैं।

You might also like