होस्टल के बाहर सोने को मजबूर छात्र

शिमला—एसएफआई ने ब्वायज और गर्ल्ज होस्टल में छात्रों को आ रही दिक्कतों के चलते समरहिल चौक पर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया गया। गौरतलब है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा ब्वायज होस्टल में रात को लाइब्रेरी आने वाले छात्रों को दस बजे के बाद होस्टल में एंट्री नहीं दी जा रही है। गौर हो कि इन दिनों छात्र परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे हुए हैं। ऐसे में छात्रों को मजबूरन अपने एग्जाम्स की तैयारी करने के लिए बाहर रहना पड़ रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि बहुत सारे छात्रों ने बाकायदा प्रशासन से रात के समय लाइब्रेरी जाने की लिखित स्वीकृति भी ली है, लेकिन होस्टल के अंदर पुलिस को ये आदेश जारी किए गए हैं कि दस बजे के बाद किसी को भी अंदर न आने दिया जाए। एसएफआई कैंपस सह सचिव पंकज वर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन तुगलकी फरमान जारी करके छात्रों को प्रताडि़त कर रहा है। कैंपस में एसेडेमिक माहौल को खुद प्रशासन द्वारा खराब किया जा रहा है। विश्वविद्यालय शोध के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस विश्वविद्यालय में छात्रों को लाइब्रेरी आने के लिए भी अनुमति लेनी पड़ रही है और सबसे बड़े दुख की बात है कि स्वीकृति के बाद भी पुलिस को ढाल बनाकर छात्रों को मजबूरन होस्टलों से बाहर सोने को मजबूर किया जा रहा है। एक ओर तो प्रशासन सभी छात्रों को होस्टल देने में नाकाम है वहीं, दूसरी ओर जो छात्र होस्टल में रह कर ट्वेंटी फोर आवर लाइब्रेरी में पढ़ने जाते हैं, उन्हें पुलिस के जरिए परेशान किया जा है। एसएफआई का मानना है कि होस्टल में अकादमिक माहौल प्रशासन द्वारा बेवजह पुलिस बल को तैनात करने से पूरी तरह बिगड़ गया है। दूसरी ओर गर्ल्ज होस्टल में भी पिछले लंबे समय से इंटर गर्ल्ज होस्टल आउटिंग को भी रोका गया है। ऐसे में छात्राओं को अगर स्टडी के लिए किसी क्लासमेट या स्कॉलर के पास जाना है तो वे नहीं जा सकती।  एसएफआई का मानना है कि ब्वायज और गर्ल्ज होस्टल में प्रशासन द्वारा तुगलकी फरमान जारी करके छात्रों को तंग किया जा रहा है। एसएफआई इकाई अध्यक्ष विक्रम ठाकुर ने चेतावनी दी है कि ब्वायज होस्टल में बेवजह पुलिस बल की तैनाती से माहौल खराब हो रहा है। उन्होंने कहा कि ब्वायज होस्टल के गेट 24 घंटे खुले रहने चाहिएं क्योंकि ट्वेंटी फोर आवर लाइब्रेरी से छात्र कभी भी होस्टल आ सकते हैं। इसके साथ-साथ गर्ल्ज होस्टल के अंदर इंटर होस्टल आउटिंग को भी जल्द से जल्द बहाल किया जाए। अगर विश्वविद्यालय प्रशासन कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है तो एसएफआई आने वाले दिनों में अधिकारियों का उग्र घेराव करेगी, जिसकी जिम्मेदारी खुद प्रशासन की होगी।

प्रशासन पर लगाए नकारात्मक रवैये के आरोप

एसएफआई ने एचपीयू प्रशासन से मांग की है कि रूसा में पढ़ रहे छात्रों को रिचेकिं ग व रिवेल्यूएशन की सुविधा भी प्रदान की जानी चाहिए। प्रदेश भर के छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में एसएफ आई ने प्रशासन से मांग की है कि छात्रों को रिचेकिंग व रिवेल्यूएशन की सुविधा जल्द दी जानी चाहिए।

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