11 कलाकारों की पेंटिंग्स प्रदर्शित

पतलीकूहल -अंतरराष्ट्रीय रौरिक मेमोरियल ट्रस्ट नग्गर में भारत रूस की संस्कृति का वैश्विक स्तर पर परिचय कराने, भारत रूस संबंधों को सुदृढ़ करने व कला प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के उद्देश्य से भारत रूस संस्कृति विशयक उत्सव का आयोजन किया गया। भारत में रूसी दूतावास में काउंसर फियोकटिस्टोव मुख्यातिथि के रूप में सम्मिलित हुए। रूस के 11 कलाकारों जिनमें रूस, यूक्रेन, इस्टोनिया एवं लातविया देशोंं से कलाकार भाग ले रहे हैं । प्रदर्शनी की विशेष बात यह है कि कलाकारों द्वारा प्रदर्शित लगभग 28 पेंटिंग्ज ट्रस्ट को स्थायी रूप से भेंट स्वरूप प्रदान की गई हैं। हिमालयन फोक आर्ट म्यूजियम में निकोलस रौरिक की धर्मपत्नी के रेखा चित्रों के आधारित नई गैलरी का भी उद्घाटन हुआ तदोपरांत थियेटरीकल स्टेज पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन स्वरस्वती वंदना से हुआ। रूस के कलाकारों द्वारा रूसी नृत्य, वायलन वादन व गायन की मनमोहक प्रस्तुतियां प्रस्तुत की गईं। एलियान्स स्कूल अकादमी कुल्लू व हैलेना रौरिक अकादमी के छात्रों द्वारा भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर रौरिक ट्रस्ट के निदेशक व जिलाधीश कुल्लू द्वारा अपने संदेश द्वारा भारत रूस मैत्री को प्रगाढ़ करने व सांस्कृतिक मूल्यों के कार्यक्रम जारी रखने की कामना की।  अंतरराष्ट्रीय रौरिक मैमोरियल ट्रस्ट नग्गर के हैलेना रौरिक आर्ट स्कूल में 27 अप्रैल को  चित्रकला का आयोजन हुआ था। बुधवार को प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र व पारितोषिक वितरित किए गए। जिसमें 6से 9 वर्ष के जूनियर ग्रुप में तान्या गौड़, हैलेना रौरिक आर्ट अकादमी प्रथम, राधिका आचार्य ग्रूमज पब्लिक स्कूल नग्गर द्वितीय, ओजस्विनी जॉन वैश्ले स्कूल सरसेई तृतीय, प्रथम ठाकुर को विशेष ईनाम, 10 से 13 वर्ष  के ग्रुप में कनिश्का ठाकुर, जॉन वैश्ले पब्लिक स्कूल सरसेई प्रथम, शिवानी हलाण स्कूल-2, मृदुल नेगी तृतीय, विशेष्ज्ञ ईनाम सुनाक्षी राणा और प्रार्थना थापा रहे। 14 से 16 वर्ष में आरती मोदयाना प्रथम, संजना गुरंग द्वितीय, रिजुल तृतीय और तरानुम विशेष इनाम रहे। 17 से 20 वर्ष के  ग्रुप में तेंजिन नमज्ञाल प्रथम, अरनिका सुबा द्वितीय और कलसंग दमदोल तृतीय स्थान पर रहे।

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