13 घंटे बाद खुला एचएच-पांच

सोलन—कालका-शिमला नेशनल हाई-वे पांच करीब 13 घंटे बाद रविवार को वाहनों की आवाजाही के लिए खोला गया। इसके बाद सभी बसों व अन्य वाहनों को नेशनल हाई-वे से भेजा गया। रविवार सुबह बहाल हुए नेशनल हाई-वे पर जाम की स्थिति बनी रही और देर शाम तक रेंग-रेंग कर वाहन चलते रहे। इसके चलते लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है।  बता दे कि कालका-शिमला नेशनल हाई-वे पांच पर सनवारा के समीप चट्टान की कटिंग करने के लिए जिला उपायुक्त के आदेशानुसार शनिवार रात करीब नौ बजे से चार बजे तक वाहनों की आवाजाही के लिए बंद किया गया था। इसके चलते परवाणू से सोलन के ओर आ रह भारी वाहनों को परवाणू व सोलन से परवाणू की ओर जा रहे भारी वाहनों को कुमारहट्टी व धर्मपुर के आसपास रोका गया था जबकि अन्य वाहनों को हाई-वे के साथ लगते लिंक रोड से डायवर्ट किया गया था। इसके चलते सोलन की ओर आ रहे वाहनों को परवाणू से वाया जंगेशु-कसौली से सोलन भेजा गया जबकि परवाणू की ओर जाने वाले वाहनों को कुमारहट्टी-भोजनगर-चक्कीमोड़ होते हुए भेजा गया है लेकिन बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को लिंक रोड की जानकारी न होने के चलते काफी परेशानी झेलनी पड़ी है। गौरतलब हो कि कालका-शिमला नेशनल हाई-वे पांच पर फोरलेन का कार्य तेजी से चला हुआ है। इसके चलते बड़े-बड़े पहाड़ों की कटिंग की जा रही है लेकिन यह पहाड़ कई जगहों पर काटने के बाद भू-स्खलन का कारण बनते जा रहे है। वहीं पहाड़ों के दरकने से कई बार हाई-वे जाम हो चुका है। हाई-वे पर अधिकतर परेशानी सनवारा से दत्यार के बीच होती है जहां कई पहाड़ पत्थरीली चट्टान के बने है जोकि दुर्घटनाओं को न्यौता दे रहे थे। यही नहीं सनवारा के समीप भी पहाड़ पर बड़े-बड़े पत्थरो में दरारे पड़नी शुरू हो गई थी इसके पश्चात इसकी जानकारी फोरलेन निर्माता कंपनी द्वारा नेशनल हाई-वे एथॉरिटी ऑफ  इंडिया और जिला प्रशासन को दी गई। जिला प्रशासन, एनएचएआई व जीआर इंफ्रास्ट्रक्चर की संयुक्त टीम ने मौके का जायजा लिया और खतरे को देखते हुए पत्थरों की जल्द कटिंग करने के लिए कहा गया। इसके बाद जिला प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा के लिए नेशनल हाई-वे पांच पर परवाणू से कुमारहट्टी तक वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया। उधर, थाना प्रभारी धर्मपुर दया राम ने बताया कि जाम न लगे इसके लिए वाहनों को डायवर्ट किया गया था। पूरी रात पुलिस के जवान सड़कों पर तैनात थे। इसी के साथ सुबह पेपर देने जा रहे परीक्षार्थियों को समय से पुलिस व जीआर के वाहनों द्वारा गंतव्य तक पहंुचाया गया। इस बारे में उमेश कुमार डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर जीआर इंफ्रास्ट्रक्चर ने कहा कि चट्टान से खतरा उत्पन्न हो रहा था जिसके चलते इसे काटना आवश्यक था, जिसके बाद इस चट्टान को काटने के लिए एक मिशन तैयार किया गया। जिसमें जिला प्रशासन के सहयोग से देख रेख में पूरा कार्य किया गया। वहीं एसडीएम रोहित राठौर ने कहा कि रात को मिशन पूरी तरह सफल रहा है। चट्टान पर अधिक क्रेक आने के बाद उसे काटने का फैसला लिया गया था।

पूरी रात तैनात रहा प्रशासन

लोगों की सुरक्षा के लिए बंद किए कालका-शिमला नेशनल हाई-वे पांच पर शनिवार नौ बजे से रविवार सुबह तक प्रशासन मौके पर तैनात रहा। यही नहीं नेशनल हाई-वे सहित लिंक रोड पर पुलिस के लगभग एक सौ से अधिक कर्मियों ने मोर्चा संभाल लोगों की सहायता की है। इसके अतिरिक्त कोई अनहोनी से बचने के लिए मौके पर दो एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड व डाक्टर की टीम भी पूरी रात तैनात रही।

चट्टान को काटने के बाद छह घंटे का लगा अतिरिक्त समय

कालका-शिमला नेशनल हाई-वे पांच पर सनवारा के समीप चट्टान को काटने के लिए एक प्रकार का मिशन तैयार किया गया। इस मिशन को निर्धारित समय पर पूरा करने के लिए शनिवार रात भर कंपनी की टीमों ने कार्य किया है। हालांकि इस दौरान हाई-वे पर वाहनों की आवाजाही के लिए छह घंटे का अतिरिक्त समय लगा। इसके चलते नेशनल हाई-वे रविवार सुबह चार बजे की बजाए करीब दस बजे वाहनों की आवाजाही के लिए खुला है।

प्रशासन ने की परीक्षार्थियों की मदद

परवाणू से कुमारहट्टी तक बंद रहे हाई-वे से रविवार को पेपर देने वाले परीक्षार्थियों का प्रशासन ने जमकर सहयोग किया। परीक्षार्थी समय पर पेपर देने पहुंचे इसके लिए पुलिस व जीआर इंफ्रास्ट्रक्चर की टीम ने अपने वाहनों में परीक्षार्थियों को गन्तव्य स्थानों पर पहुंचाया है। हालांकि यह सुविधा लिंक रोड पर नहीं मिल पाई जिसके चलते कई परीक्षार्थी परीक्षा देने से वंचित भी रह गए है।

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