15 से शुरू होगा बिशु मेला

पांवटा साहिब – जिला सिरमौर के गिरिपार शिलाई क्षेत्र में मनाए जाने वाले बिशु मेलों का आखिरी बिशु मेला जाखना में 15 मई बुधवार से शुरू हो रहा है। यह दो दिवसीय मेला गिरिपार के शिलाई क्षेत्र का अंतिम बिशु मेला होता है। इसके साथ ही क्षेत्र में एक माह से चल रहे बिशु मेलों का समापन हो जाता है। जानकारी के मुताबिक बैसाख माह की संक्रांति से ज्येष्ठ माह की सक्रांति तक पूरे माह गिरिपार में इन मेलों का आयोजन होता है जो जाखना के दो दिवसीय मेले के साथ संपन्न होता है। सीजन के आखिरी बिशु मेला मस्तभौज क्षेत्र के जाखना में मेलार्थियों की खूब भीड़ उमड़ती है। इसी सक्रांति को जिला के संगड़ाह क्षेत्र के अंधेरी और उत्तराखंड के जोंसार बाबर में भी आखिरी मेला आयोजित होता है। दो दिनों तक चलने वाले इस बिशु मेले का बुधवार को शुभारंभ होगा। इस मेले में शिलाई, कफोटा, कमरऊ के अलावा मस्तभौज के शरली मानपुर, जामना व कांडो च्योग समेत उत्तराखंड राज्य के जोंसार बाबर आदि इलाकों के लोग भारी संख्या में पहुंचते हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक गिरिपार क्षेत्र में भी बिशु मेले की ऐसी परंपराएं हैं जिसको जनता सदियों से निभा रही है। पिछले एक माह के भीतर गिरिपार में विभिन्न स्थानों शरली मानपुर, टौंरू गांव के बुंगा, भरली गांव के कांडो, कफोटा, तिलोरधार, कांडो दुगाना, शिलाई, गिरनौल, सुईनल, नैनीधार सतौन व अंतिम मेला जाखना में दो दिन का मनाया जाता है।

ठोडो नृत्य रहता है विशेष आकर्षण

गिरिपार के जाखना में होने वाले अंतिम बिशु मेले में भी ठोडो नृत्य आकर्षण का केंद्र रहता है। यह एक ऐसी प्रथा है जो बुजुर्गों के मुताबिक महाभारत काल से चली आ रही है। इस परंपरा में एक ऐसी जंग कौरव-पांडवों के वंशजों के बीच होती है।

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