17 पोलिंग स्टेशन में न इंटरनेट, न ही मोबाइल सिग्नल

मंडी-लोकसभा चुनाव के लिए हिमाचल में अंतिम चरण में 19 मई को मतदान होंगे। मंडी जिला में मतदान के लिए 1123 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें 17 पोलिंग स्टेशन ऐसे हैं, जिनमें न तो मोबाइल फोन का सिग्नल है और न ही कोई लैंंड लाइन। ऐसे में इन बूथों में चुनावी ड्यूटी देने वालों को खासा पसीना बहाना पड़ सकता है। सराज विधानसभा क्षेत्र और नाचन विधानसभा में सबसे ज्यादा पोलिंग स्टेशन की संख्या ऐसी है जहां न तो मोबाइल फोन कनेक्टिविटी है और न ही कोई इंटरनेट कनेक्शन। जोगिंद्रनगर, धर्मपुर, मंडी, बल्ह और सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र में ऐसा कोई भी पोलिंग स्टेशन नहीं है जहां मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी की सुविधा नहीं है। इसके अलावा करसोग विधानसभा क्षेत्र में दो, सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र में एक, नाचन विधानसभा क्षेत्र में पांच, सराज विधानसभा क्षेत्र में पांच और द्रंग विधानसभा क्षेत्र में चार पोलिंग स्टेशन ऐसे हैं जहां न तो मोबाइल फोन कनेक्टिविटी होगी और न ही इंटरनेट सुविधा। इसलिए ऐसे में चुनावी ड्यूटी देने वाले प्रिजाइडिंग आफिसर, असिस्टेंट प्रिजाइडिंग आफिसर, पोलिंग ऐजेंट टेलोफोकिन संचार सुविधा से पूरी तरह कटे रहेंगे। यहा बतां दें कि जिला भर में 1123 पोलिंग स्टेशन में सबसे ज्यादा 130 पोलिंग स्टेशन जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र में स्थापित किए गए है। बल्ह विधानसभा में सबसे कम 99 पोलिंग स्टेशन हैं जहां मतदान होगा। बल्ह विधानसभा ही जिला में इकलौता ऐसा विधानसभा क्षेत्र है जहां 100 से कम पोलिंग स्टेशन हैं। इसके अलावा अन्य नौ विस क्षेत्रों में 100 से ज्यादा पोलिंग स्टेशन हैं। करसोग में 104, सुंदरनगर में 105, नाचन में 113, सराज में 129, द्रंग में 128, धर्मपुर में 101, मंडी में 104, और सरकाघाट में 110 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। ऐसा कोई भी मतदान केंद्र नहीं जहां बिजली, पीने के पानी और शौचालय की सुविधा न हो।

सभी पोलिंग स्टेशन में रैंप की सुविधा

जिला भर के जितने भी पोलिंग स्टेशन हैं उन सभी में रैंप की व्यवस्था की गई है। ऐसे में दिव्यांग मतदान केंद्रों तक पहुंचेंगे तो उन्हें दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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