20 हेक्टेयर में लगी आग, लाखों की वनसंपदा राख

नाहन—बढ़ती गर्मी के बीच जंगल की आग लोगों की परेशानी का सबब बनने लगी है। वन विभाग के रिर्जव फोरेस्ट एरिया के लगभग 20 हेक्टेयर क्षेत्र को गुरुवार को दावानल ने अपनी चपेट मंे लिया है। वहीं किसी असामाजिक तत्त्वों द्वारा जमटा वन क्षेत्र के चीड़ के जंगलों में यह आग लगाई गई है। जिस पर अब वन विभाग मंडल नाहन ने संख्त कार्रवाई करने के लिए आदेश दिए है। नाहन वन मंडल के तहत जमटा रेंज के लगभग 20 हेक्टेयर वन रिर्जव क्षेत्र में आग पूरी तरह फैल गई। जिसकी सूचना मिलते ही फोरेस्ट डिर्पाटमेंट ने गुरुवार को अग्निशमन वाहन ओर फोरेस्ट टास्क फोर्स के माध्यम से आग पर काबू पाने की कोशिश की है। इस बीच वन संपत्ति का लगभग लाखों का नुकसान का आकलन किया जा रहा है। वन विभाग के डीएफओ नाहन वेंकटेश ने बताया कि वन परिक्षेत्र अधिकारी जमटा को रिजर्व फोरेस्ट मंे लगी आग पर एफआईआर दर्ज करवाए जाने के लिए निर्देश दिए गए है। वहीं सभी आवश्यक सख्त कदम उठाए जाएंगे। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जंगल में आग को लगाने वालें को गतवर्ष भी डिटेक्ट किया गया। जिसमें पाया गया है कि ऐसे लोग मानसिक तौर पर फिट नहीं थे। वहीं ऐसे मे सख्त कार्रवाई भी अमल में नहीं ला जा सकी। मगर ऐसे असामाजिक तत्त्वों के चलते प्रतिवर्ष वन संपदा,जीवजंतू के साथ वातावरण मं अनावश्यक गर्मी का दबाव बढ़ जाता है। डीएफओ नाहन वंेकटेश ने बताया कि कि गतवर्ष की तुलना में वन मंडल नाहन के जंगलों मंे आगजनी की घटनाए इस वर्ष तक बहुत कम हुई है। वहीं आगजनी से निपटने के लिए फोरेस्ट सर्वे आफ  इंडिया के देहरादून कार्यालय से सेटेलाइट डाटा और आगजनी के दौरान एसएमएस माध्यम से सूचना तंत्र को मजबूत किया गया है। प्रदेश मंे वन मंडल नाहन के पास अपना वाटर टैकर लॉरी भी अब उपलब्ध हो गई है। वहीं ग्रामीणों ओर स्वयंसेवियों के माध्यम से वन संपदा को बचाने के साथ ही वन उत्पादों खासतौर पर चीड की पत्तियों के उत्पाद तैयार किए करवाए जा रहे है।

नाहन वन मंडल में 32हजार हेक्टेयर वन क्षेत्र

नाहन वन मंडल के तहत 32 हजार वन क्षेत्र रिजर्व फोरेस्ट सहित आता है। जिसमंे मुख्यतौर पर साल,चीड़, ओर चौड़ीपतिदार पेड़ों की स्पीशीज पाई जाती है। वहीं चीड़ सबसे अधिक ज्वलनशील पेड़ की प्रजाति है। वन विभाग ने लोगो से अपील के साथ टॉल फ्री नंबर भी आगजनी के लिए जारी किया है। जिसे आग लगने पर तंुरत सूचना दी जा सके। वहीं सेटेलाइट तंत्र को मजबूत कर एसएमएस प्रक्रिया अब शुरू कर दी गई है। जो कि क्षेत्र के उन लोगों को प्राप्त हो रही है। जो कि वन समिति में शमिल है।

You might also like