24 जिंदगियां लील गई बेरहम आग

ऊना – जिला ऊना में आग का तांडव इस कद्र अपना कहर बरपा रहा है कि  आग यहां पर न केवल संपित्त को राख कर रही है। बल्कि जानी दुश्मन भी बनी हुई है। यही नहीं, कई बेजुबानों को भी आग लील रही है, लेकिन आग का प्रकोप जिला में कम नहीं हो पा रहा है। पिछले करीब पांच सालों की बात की जाए तो अब ऊना जिला में आग 24 लोगों की  जान चुकी है। हर साल लोगों को आग की घटनाओं में अपनी जान गंवानी पड़ रही हैं। वहीं, पिछले पांच साल में 25 बेजुबान भी आग की भेंट चढ़ चुके हैं। ऐसे में स्वयं अंदाजा लगाया जा सकता है कि ऊना जिला का ताडंव किस तरह से देखने को मिलता है।  जिला ऊना में आग का ताडंव हर साल देखने को मिलता है। एक ओर जहां जिला में हर साल पड़ने वाली विकराल गर्मी इन घटनाओं में कारण मानी जाती है। वहीं, आग की घटनाओं में अधिकतर लापरवाही भी देखने को मिलती है। वहीं, आग की घटनाओं में देखते ही देखते लोगों की जिंदगी भर की कमाई भी पल भर में राख बन जाती है। वर्ष 2014 में आग की घटनाओं में पांच लोगों ने अपनी जान गवाई। इसमें ऊना अग्निशमन केंद्र में दो, अंब में तीन मौतें हुईं। वर्ष 2015 में तीन मौतें आग की घटनाओं में हुई। इसमें अग्निशमन केंद्र ऊना में दो, अंब में एक, वर्ष 2016 में नौ मौतें हुईं। इसमें पांच ऊना,अंब में चार मौतें हुई हैं। वहीं, वर्ष 2017 में तीन मौतें हुईं। अग्निशमन केंद्र ऊना में एक, अंब में एक, टाहलीवाल चौकी में एक, वर्ष 2018 में दो मौतें हुईं। ऊना अग्निशमन केंद्र में एक, अंब में एक मौत हुई। वहीं, बाथड़ी और पंडोगा में हुई आग की घटनाओं में दो मासूम जिंदा जल गए। वर्ष 2019 में दो मासूम जिंदा जलने की घटनाओं ने ऊना जिला को हिलाकर रख दिया है। लगातार आग की घटनाएं जिला में बढ़ रही हैं, लेकिन आग की घटनाओं के चलते लोगों को जान भी गंवानी पड़ रही है।

25 बेजुबानों ने भी गवाई जान

जिला भर आग का तांडव इस तरह बरप रहा कि है कि इसकी जद में बेजुवान पशु भी आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार साल 2014 में पांच,  2016 में एक,  2017 में 17, 2018 में दो बेजुबानों की मौत हुई है। 

इस साल 200 झुग्गियों सहित 15 करोड़ की संपत्ति स्वाह

2019 में तीन आग की घटनाओं ने खूब कहर बरपाया। औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल के निजी उद्योग में हुई आग की घटना में करीब 15 करोड़ का नुकसान हुआ। वहीं, पंडोगा, बाथड़ी, लालसिंगी, अंब सहित अन्य क्षेत्रों में प्रवासियों की अब तक 200 से अधिक झुग्गियां आग की भेंट चढ़ चुकी हैं। वहीं, जिला के तहत पोल्ट्रीफॉर्म में हुई आग की घटना में भी पोल्ट्रीफॉर्म मालिक को भारी नुकसान झेलना पड़ा था।

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