25 साल की उम्र में सांसद बनी ये आदिवासी महिला इंजीनियर

17वीं लोकसभा में सर्वाधिक महिलाएं संसद पहुंची हैं. इनमें सबसे कम उम्र की सांसद चंद्राणी मुर्मू ओडिशा से और सबसे ज्यादा उम्र की सांसद प्रिनीत कौर पंजाब से हैं. मुर्मू बीजू जनता दल की हैं जबकि कौर कांग्रेस से हैं. मुर्मू की उम्र 25 से है तो कौर 74 साल की हैं. चंद्राणी मुर्मू इंजीनियर हैं. उन्होंने ओडिशा की केंझार लोकसभा सीट से जीत दर्ज की है. आदिवासी महिला सांसद मुर्मू ओडिशा की सबसे कम उम्र की सांसद होने के साथ देश की भी सबसे कम्र उम्र की सांसद हैं. राजनीति में चंद्राणी का ज्यादा अनुभव नहीं है. 2017 में मुर्मू ने भुवनेश्वर से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की. डिग्री मिलने के बाद चंद्राणी नौकरी की तलाश में थीं. इसी बीच उन्हें बीजद की ओर से टिकट देने की बात हुई. चंद्राणी ने यह प्रस्ताव मान लिया और चुनाव मैदान में उतर गईं. उन्होंने जीत हासिल की और सबसे कम उम्र की सांसद बन गईं. ममता बनर्जी के बाद ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक दूसरे नेता हैं जिन्होंने लोकसभा चुनाव का टिकट देने में महिला आरक्षण को अहमियत दी. उन्होंने इस चुनाव में तकरीबन 41 फीसदी महिलाओं को टिकट दिया. उधर ममता बनर्जी ने भी 33 प्रतिशत कोटे का प्रावधान किया था. ओडिशा में कुल 21 सांसदों में इस बार 7 महिलाएं हैं जिनमें 5 बीजद से और 2 बीजेपी से हैं. प्रिनीत कौर इस बार संसद पहुंचने वाली सबसे ज्यादा उम्र की महिला हैं. वे 74 साल की हैं और पंजाब के मौजूदा मुख्यमंत्री अमिरंदर सिंह की पत्नी हैं. कौर भारत सरकार में मंत्री रह चुकी हैं. 2009 से 2014 तक मनमोहन सिंह की सरकार में उन्होंने विदेश राज्यमंत्री का पद संभाला था. प्रिनीत कौर पंजाब की पटियाला सीट से सांसद चुन कर आई हैं. पिछले चुनाव में वे हार गई थीं. 2014 के चुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार धरमवीर गांधी ने कौर को 20 हजार वोटों से हराया था. इस बार पटियाला के कई विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कौर का अंदर अंदर विरोध किया था. हालांकि कौर जीत हासिल करने में कामयाब रहीं.

You might also like