26 विभागों को वक्त पर देनी होगी 200 सेवाओं की गारंटी

शिमला —प्रदेश के 26 विभागों को तय समय पर 200 सेवाओं की गारंटी देनी होगी। प्रदेश में अब पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट के तहत दो सौ सेवाएं मिलेंगी। हालांकि मार्च तक 26 विभागों की 187 सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही थी, जिसमें अब तीन अन्य सेवाएं शामिल कर दी गई हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार के प्रशासनिक सुधार विभाग के मुताबिक प्रदेश सात विषयों, 18 फोकस विषयों तथा 45 संकेतक आत्म मूल्यांकन तंत्रों के माध्यम से सुशासन को मापने के लिए जिला गुड गवर्नेंस इंडेक्स को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। प्रदेश में प्रमुख सेवाएं ऑनलाइन प्रदान की जा रही हैं, जिससे लोगों को लंबी दूरी तय कर जिला मुख्यालयों पर न जाना पड़े। हर प्रकार की आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रदेश के नागरिकों को शीघ्र ही समयबद्ध तरीके से बुनियादी सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। हिमाचल प्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम-2011 को अधिक प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के लिए प्रदेश सरकार ने दो सौ सेवाएं देने के लिए समय तय किए हैं, वहीं दूसरी ओर यदि अधिकारी सेवा प्रदान करने में विफल रहता है अथवा पर्याप्त और उचित कारण के बिना ऐसी सेवा प्रदान करने में देरी कर रहा है, तो उस अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करने का प्रावधान भी किया गया है। इससे नागरिकों को विभिन्न अधिकारों के बारे में जागरूक करने में भी मदद मिलेगी।  स्वास्थ्य, वन, पंचायती राज, राजस्व, उद्योग, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, नगर एवं शहरी नियोजन, ऊर्जा, गृह, लोक निर्माण, परिवहन सहित 26 विभागों की दो सौ सेवाएं दी जा रही हैं।

12582 अधिकारी नामित

 जिला गुड गवर्नेंस इंडेक्स लागू करने में हिमाचल प्रदेश आगे

सेवाएं लोगों तक पहुंचाने के लिए 12582 अधिकारियों को नामित किया गया है, जिसकी निगरानी जिला एवं प्रदेश स्तर पर 56 नोडल अधिकारियों के माध्यम से की जा रही है। इस कानून के माध्यम से विभिन्न सेवाएं तय समय सीमा में प्रदान की जाती है। इस अधिनियम के अंतर्गत पांच हजार रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान उन अधिकारियों के लिए किया गया है। जो बिना किसी ठोस कारण के सेवाएं प्रदान करने में असमर्थ रहते हैं। इससे सुशासन के मानकों में सुधार आएगा तथा सुशासन को एक मजबूत आधार मिलेगा।

24 घंटे में स्वीकृति

लोकसेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार चरागाहों को आज्ञा अथवा स्वीकृति 24 घंटे में प्रदान किया जाएगा। बताया जा रहा है कि जन्म-मृत्यु तथा विवाह पंजीकरण की सुविधा दो दिन के भीतर, बीपीएल प्रमाणपत्र 24 घंटे के अंदर, वरिष्ठ नागरिक को पहचान पत्र तीन दिनों में, जल कनेक्शन घरेलू व व्यवसायिक 30 दिन में, मिट्टी परीक्षण 60 दिन में, दिव्यांगों को पहचान पत्र तीन दिन के अंदर इत्यादि कुछ ऐसी सुविधाएं हैं, जो नागरिकों को प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त सरकार ने ई-पंजीकरण पोर्टल शुरू किया है, जिससे लोगों को कष्टप्रद प्रक्रियाएं पंक्तियों में खडे़ होने तथा पेपर प्रपत्र आदि भरने से भी निजात मिलेगी। बहरहाल, अगर ऐसा होता है तो लोगों को भी बहुत हद तक निजात मिल सकेगी।

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