3-17-17 ने रामस्वरूप को फिर बनाया सितारा

कुल्लू -कहतें हैं कि कई बार लक्की नंबर भी भाग्य बनाते हैं। यह सच्चाई किसी से छिपी हुई नहीं है। देवी-देवता के पास शेष यानी चावल और सरसों के दाने जब विषम संख्या वाले तीन, पांच-सात नंबर में आएं, तो वह सही आशीर्वाद माना जाता है। जब सम संख्या में दो-चार आते हैं, तो वह सही नहीं माना जाता, लेकिन इस बार फिर मंडी संसदीय क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी रामस्वरूप शर्मा को विषय संख्या वाले डिजिट फिर लक्की रहे हैं। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि मंडी संसदीय सीट से रामस्वरूप का चुनाव जीत मार्जिन लाखों में रहा। हालांकि पिछले बार पतली हालत में कांग्रेस ने लिया था और मोदी लहर में  रामस्वरूप शर्मा की जीत मानी जा रही थी।, लेकिन इस बार रामस्वरूप शर्मा ने ऐसा कर दिखाया कि कांग्रेस ऐसी हार अभी तह सोच भी नहीं पाई थी। वाकई भाग्य के धनी माने जाने वाले रामस्वरूप शर्मा को विषम संख्या के डिजिट ने फिर लक्की बनाया कि भारी मतों से जीत हुई। 3-17-17 का पहले डिजिट रामस्वरूप शर्मा के लिए लक्की रहे हैं। बता दें कि ईवीएम में इनका तीसरा नंबर था, जो बेहद लक्की था। वहीं, इससे भी बढि़या एवं इतिहास बनने वाला आंकड़ा यह रहा कि 17वीं लोकसभा के लिए चुनाव था और मंडी संसदीय क्षेत्र की चुनाव जंग में पहली बार 17 प्रत्याशी उतरे। लिहाजा, 3-17-17 के विषय संख्या वाले आंकड़ों ने रामस्वरूप शर्मा को फिर सितारा बना दिया। यही नहीं, कुल मत और जीत के मार्जिन का आंकड़ा भी विषम संख्या में रहा। मंडी संसदीय क्षेत्र में हुए लोकसभा चुनाव में रामस्वरूप शर्मा की रिकार्ड तोड़ मतों से जीत हुई। इतिहास बन जाने वाली बात यहां यह है कि 1951 से लेकर लोकसभा चुनाव हो रहे हैं, लेकिन ऐसी जीत प्रत्याशी की पहली बार हुई है और चुनाव जंग में 17 खिलाड़ी उतरे। कबड्डी के खिलाड़ी ने ऐसी कबड्डी खेली, कि चुनावी टक्कर में उतरे खिलाडि़यों को जबरदस्त पटकनी दी।

 

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