अग्रवाल की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से होगा बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

टॉप टू बॉटम उथल-पुथल होना तय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सहित प्रदेश के कई महत्त्वपूर्ण विभागों को मिलेंगे नए मुखिया

शिमला  —चीफ सेक्रेटरी बीके अग्रवाल के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की संभावनाओं के चलते टॉप टू बॉटम बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होगा। इसके बाद मुख्य सचिव से लेकर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सभी नए चेहरे होंगे। इसका प्रभाव विभागीय सचिवों की नियुक्ति पर भी रहेगा। इतना तय है कि बीके अग्रवाल के स्थान पर डा. बाल्दी नए मुख्य सचिव बनेंगे। इन परिस्थितियों में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की कुर्सी पर नए दावेदार की तलाश की जाएगी। इस फेहरिस्त में अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी धीमान और प्रधान सचिव जेसी शर्मा इस पद के प्रबल दावेदार होंगे। इन दोनों अधिकारियों के पास करीब आधा दर्जन महत्त्वपूर्ण विभाग है। इसके चलते कार्मिक विभाग से लेकर एक्साइज तक कई महकमों के प्रशासनिक सचिव बदल जाएंगे। इसके अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल खाची का दिल्ली जाना तय है। इस सूरत में वित्त तथा लोक निर्माण विभागों के लिए नए विभागीय सचिव मिलेंगे। महत्त्वपूर्ण राजस्व विभाग के लिए भी नए सचिव मिलेंगे। उल्लेखनीय है कि हिमाचल सरकार के मुख्य सचिव बीके अग्रवाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली जा सकते हैं। उन्हें केंद्र की मोदी सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। इसके चलते डा. श्रीकांत बाल्दी जयराम सरकार में अगले चीफ सेक्रेटरी बन सकते हैं। उसके बाद रामसुभग सिंह मुख्य सचिव पद के प्रबल दावेदार बन जाएंगे।  हिमाचल के दो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की केंद्र सरकार ने सचिव पद के लिए इम्पेनलमेंट की है। इसमें पहला नाम वर्ष 1985 बैच के आईएएस  अधिकारी बीके अग्रवाल का शामिल है। इस इम्पेनलमेंट में दूसरा नाम वर्ष 1986 बैच के आईएएस अधिकारी अनिल खाची का है। अनिल खाची ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए राज्य सरकार को अपना आवेदन भी सौंप दिया है। बताते चलें कि बीके अग्रवाल एक अक्तूबर 2018 को हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव बने हैं। करीब आठ माह के कार्यकाल में बीके अग्रवाल ने हिमाचल की अफसरशाही का कुशल नेतृत्व किया है। अग्रवाल ने अपनी ईमानदार छवि और निष्ठावान कार्यशैली से सरकार का दिल भी जीता है। इसी कारण इस भरोसेमंद अधिकारियों को मोदी सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।

बाल्दी बन सकते हैं मुख्य सचिव

बीके अग्रवाल के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद 1985 बैच के आईएएस अधिकारी डा. श्रीकांत बाल्दी राज्य सरकार के मुख्य सचिव बन सकते हैं। डा. बाल्दी 31 दिसंबर 2019 को सेवानिवृत्त हो जाएंगे।

रामसुभग सिंह भी दावेदार

मुख्य सचिव पद के दावेदार वर्ष 1986 बैच के अनिल खाची बन जाएंगे। चूंकि अनिल खाची खुद केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने को तैयार हैं। इसके चलते मुख्य सचिव की हॉट सीट के एकमात्र दावेदार वर्ष 1987 बैच के आईएएस अधिकारी रामसुभग सिंह बन जाएंगे। उनका कार्यकाल भी 31 जुलाई 2023 तक है।

प्रधान सचिव बन सकते हैं धीमान

डा. श्रीकांत बाल्दी के मुख्य सचिव बनने पर 1988 बैच के आरडी धीमान सीएम के प्रधान सचिव बन सकते हैं। उनकी ताजपोशी के बाद कार्मिक, स्वास्थ्य, पर्यावरण और बागबानी सरीखे महत्त्वपूर्ण विभागों को नए प्रशासनिक सचिवों को सौंपना पड़ेगा। 

जेसी शर्मा भी रेस में

सीएम के प्रधान सचिव के लिए इस रेस में दूसरा बड़ा नाम वर्ष 1991 बैच के आईएएस जेसी शर्मा का है। उनके पास एक्साइज, आईटी तथा ट्रांसपोर्ट है। लिहाजा, सीएम ऑफिस में तैनाती के बाद इन विभागों का आबंटन हो सकता है।

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