अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित

 जवाली—नगर पंचायत जवाली में अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। नगर पंचायत जवाली का गठन वर्ष 2016 में कांग्रेस कार्यकाल में हुआ था तथा अध्यक्ष पद पर कांग्रेस का ही कब्जा था। प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बाद भी दो साल तक कांग्रेस समर्थित पार्षद ही अध्यक्ष पद पर काबिज रही। भाजपा ने सत्तासीन होते ही अध्यक्ष को बदलने की योजना बनाई, लेकिन कोरम पूरा न होने के कारण भाजपा की चाल सफल नहीं हो पाई। अब दोबारा से भाजपा द्वारा भाजपा समर्थित अध्यक्ष बनाने की कवायद शुरू की गई। अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव डाला गया, जिसके लिए शुक्रवार को बैठक बुलाई गई। शुक्रवार को भाजपा समर्थित पार्षदों का कोरम पूरा हो गया। नगर पंचायत जवाली में नौ वार्ड हैं तथा कोरम पूरा होने के लिए पांच पार्षदों का होना अनिवार्य है। शुक्रवार की बैठक में भाजपा के पांच पार्षद नगर पंचायत उपाध्यक्ष तिलक रपोतरा, दीपाली पगडोत्रा, ममता देवी, सुदेश कुमारी, राज कुमारी हाजिर रहे। अब भाजपा को अपनी साख बचाने की नौबत आ गई है क्योंकि प्रदेश में भाजपा की सरकार व विस क्षेत्र में भाजपा का विधायक होने के बावजूद नगर पंचायत के अध्यक्ष पद पर कांग्रेस का कब्जा होना भाजपा के लिए बहुत बड़ी चुनौती हो गई थी। एसडीएम जवाली अरुण कुमार शर्मा की देखरेख में कार्रवाई को अंजाम दिया गया। अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होते ही भाजपा ने खुशी जताई और लड्डू बांटकर खुशी का इजहार किया। इस बारे में एसडीएम जवाली अरुण कुमार शर्मा ने कहा कि नगर पंचायत जवाली द्वारा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव डाला गया था जिसको लेकर शुक्रवार को नगर पंचायत कार्यालय में बैठक हुई। नगर पंचायत का कोरम पूरा हो गया तथा कार्रवाई लिखकर आगामी कार्रवाई हेतु जिलाधीश कांगड़ा को भेज दी गई है। आगामी  कार्रवाई जिलाधीश के दिशा-निर्देशानुसार होगी।

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