अनंतनाग में बंगाणा का सपूत शहीद

आज पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

बंगाणा -बंगाणा उपमंडल के अंतर्गत ग्राम पंचायत चम्याड़ी के गांव सरोह का जवान अनिल जसवाल (27) श्रीनगर के अनंतनाग में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में मंगलवार को शहीद हो गया।  अनिल का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ बुधवार को उनके पैतृक गांव में होगा।  जानकारी के अनुसार अनिल जसवाल 13जेके रायफल में तैनात थे और वर्तमान में तीन आरआर में सेवाएं दे रहे थे। अनिल जसवाल सोमवार को आतंकियों से हुई मुठभेड़ में घायल हो गया था और मंगलवार तड़के करीब तीन बजे अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि श्रीनगर में तमाम औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शहीद सैनिक की पार्थिव देह चंडीगढ़ पहुंचेंगी। वहां पर अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बुधवार दोपहर तक पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचेगा, जहां पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। बता दें कि अनिल जसवाल के पिता अशोक कुमार भी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अनिल जसवाल की शादी करीब अढ़ाई वर्ष पहले हुई थी। उनका सात माह का बेटा दिवांश जसवाल भी है। बता दें कि शहीद अनिल जसवाल अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। बड़ी बहन सपना जसवाल की शादी हो चुकी है। अनिल का जन्म 14 जून, 1992 को पिता अशोक जसवाल माता अनीता जसवाल के घर सरोह में हुआ। शहीद के पिता अशोक जसवाल भी 22 वर्ष आर्मी में सेवाएं दे चुके हैं। अनिल ने 12वीं तक कि पढ़ाई सीनियर सेंकेडरी स्कूल सरोह में पूरी की थी। वह वॉलीबाल के अच्छे खिलाड़ी भी थे। 12वीं कक्षा पूरी करने के बाद अनिल जसवाल अपना कोर्स पूरा करते-करते आठ वर्ष पूर्व 13 जैकआरआर में भर्ती हो गए। देश सेवा की भावना विरासत में मिलने के कारण अनिल के अंदर देश के लिए कुछ करने जज्बा कूट-कूटकर भरा था। इसी जज्बे के साथ अनिल जसवाल देश सेवा के लिए सेना में भर्ती हो गए। अनिल जसवाल की शादी बड़सर के बुंबलू गांव की श्वेता जसवाल से हुई। पूरा परिवार हंसी खुशी के अपना जीवन व्यतीत कर रहा था, लेकिन अब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उधर, प्रशासन को इसकी सूचना मिल चुकी है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर सहित अन्य लोगों ने सैनिक से शहीद होने पर गहरा शोक प्रकट किया है। वहीं, एसडीएम बंगाणा संजीव कुमार ने बताया कि श्रीनगर में शहीद हुए अनिल जसवाल का पैतृक गांव सरोह में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

पति को वर्दी में देखकर सेल्यूट करती थी पत्नी

जब अनिल जसवाल घर आता था तब पति को आर्मी की वर्दी में देखकर पत्नी श्वेता उन्हें सेल्यूट करती थी। केवल अढ़ाई वर्ष पहले मिले सुहाग के यूं छिन जाने से उन्हें ऐसे जख्म दिए हैं, जिनकी भरपाई हो पाना अब मुश्किल है।

दस दिन पहले ही छुट्टी काटकर गए थे अनिल

अनिल जसवाल सात मई को एक माह की छुट्टी लेकर घर आया था और आठ जून को श्रीनगर के लिए रवाना हुया था। 14 जून को अनिल जसवाल के जन्म दिवस ओर माता- पिता एवं पत्नी की बात हुई थी। तब सभी घरवालों ने अनिल को लंबी आयु का आशीर्वाद दिया, लेकिन यह फलीभूत नहीं हुआ।

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