अफसरों के घर काम कर रहे चंडीगढ़ नगर निगम के कर्मचारी

मेयर राजेश कालिया और कमिश्नार केके यादव ने दी दो टूक चेतावनी; काम पर लौटें, नहीं तो होगी कड़ी कार्रवाई

चंडीगढ़ – सिटी ब्यूटीफुल को संवारने की जिम्मेदारी जिस नगर निगम पर है, उसके अलग-अलग विभागों के ऐसे सैकड़ों कर्मचारी हैं, जो वेतन तो सरकारी खजाने से ले रहे हैं। लेकिन वे काम अफसरों के घरों में कर रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों के लिए नगर निगम कमिश्नर केके यादव और मेयर राजेश कालिया ने आदेश जारी कर दिया है कि वह अपने आप ही अधिकारियों के घर छोड़ वापस अपने सरकारी कामों पर आ जाएं। अगर ऐसे चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी अधिकारियों के घर से वापस नहीं आते हैं तो उन पर कार्रवाई की जाए। कमिश्नर केके यादव का कहना है कि अगर कोई अस्थायी कर्मचारी ऐसे किसी के घर पर लगे हैं तो उन्हें निकाल दिया जाएगा। जबकि अगर कोई स्थायी कर्मचारी लगा हुआ है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। मेयर राजेश कालिया का कहना है कि यह स्पष्ट कर दिया गया है कि अब कोई भी कर्मचारी किसी भी अधिकारी, वीआइपी, रिटायर्ड और नेता के घर पर काम नहीं करेगा। सभी कर्मचारी अपने आप ही वापस लौट आएं। कमिश्नर ने सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। अगर फिर भी कोई कर्मचारी ऐसा करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जिन अधिकारियों के घर पर कर्मचारी लगे हुए हैं, वह खुद ही उन्हें आने के लिए मना कर दें तो अच्छा रहेगा।

400 मुलाजिमों पर नजर

मालूम हो कि नगर निगम के पास पहले से स्टाफ की कमी है। सूत्रों का कहना है कि ऐसे 400 से ज्यादा चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हैं, जो अवैध तरीके से सरकारी वेतन लेकर अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों के घर पर काम कर रहे हैं। इन सभी कर्मचारियों को पिछले सालों के कार्यकाल में किसी न किसी आला अधिकारी ने खुद अपने घर पर लगवाया या फिर किसी न किसी प्रभावशाली के घर पर दबाव डालकर लगाने के लिए कहा। इस समय प्रशासन के भी कई अधिकारी हैं जिनके घर पर नगर निगम के कर्मचारी निजी काम करने में जुटे हुए हैं।

कई रिटायर्ड अधिकारी भी उठा रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का फायदा

इनमें ऐसे कई अधिकारी ऐसे भी हैं जो कई साल पहले नगर निगम और प्रशासन में तैनात थे, लेकिन अब वह अपने मूल कैडर पंजाब और हरियाणा में चले गए हैं। लेकिन कर्मचारी अभी शहर में उनकी सरकारी कोठियों में काम कर रहे हैं। कई रिटायर्ड अधिकारी भी हैं। जिनके यहां पर कर्मचारी खाना बनाने, साफ सफाई और अन्य काम में लगे हुए हैं। यह अधिकतर चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हैं। इनमें महिला कर्मचारी भी शामिल हैं। कई माली भी हैं, जो बागवानी विभाग में तैनात हैं लेकिन अधिकारियों के निजी लान का भी रखरखाव करने की बेगार करते हैं। कमिश्नर के अनुसार कर्मचारी किसी के घर पर काम करता है तो उस पर कार्रवाई होती है।

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