अब आसमान से आएगा मैसेज कहां लगी है आग

वन विभाग ने सेटेलाइट के माध्यम से अपने कर्मचारियों को किया पंजीकृत

रामपुर बुशहर -अब धरती से नहीं आसमान से पता चलेगा कि कहां पर आग लगी है। इसके लिए वन विभाग ने सेटेलाईट के माध्यम से अपने सभी वन कर्मियों को पंजीकृत कर दिया है। जिसके तहत जैसे ही कहीं आग लगेगी तुरंत सभी पंजीकृत कर्मियों को मैसेज चला जाएगा कि आग कहां पर लगी है। जिससे वन कर्मी तुरंत हरकत में आ जाएगें और आग को काबू करने के प्रयास तेजी से हो पाएगें। इस तरह की आधुनिक पद्वति से काफी हद तक जंगलों में लगने वाली आग पर काबू पाया जा सकता है। वन विभाग का कहना है कि इस सेटेलाईट सुविधा में स्थानीय लोगों को भी पंजीकृत किया जा रहा है। ताकि आग पर काबू करने में उनका सहयोग भी लिया जा सके। प्राप्त जानकारी के मुताबिक विभाग के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के फोन नंबर का पंजीकरण फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के तहत कर दिया गया है। जिसके बाद सैटेलाईट के माध्यम से इनके फोन पर आगजनी घटने की सूचना फोन पर मिलेगी, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके लिए स्थानीय लोगों का भी पंजीकरण किया रहा है। बताते चले कि इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है और जंगलों में आग लगने की घटनाएं शुरू हो गई है। जिससे निपटने के लिए वन विभाग ने अपने अधिकारियों व फिल्ड स्टाफ को तैयार कर लिया है। आगजनी की सूचना प्राप्त करने के लिए सैटेलाईट का सहारा लिया जा रहा है। इसके लिए विभाग ने अपने सभी कर्मचारियों के फोन नंबर पंजीकृत कर लिए है। जिससे उनके फोन पर सैटेलाईट के माध्यम से जंगल में आगजनी होने का एसएमएस आएगा। ये मैसेज बीट गार्ड, आरओ, डीएफओ और सीसीएफ आदि के फोन में सीधे आएगा। जिसके बाद क्यूआरटी वाहन को मौके पर ले जाकर आग पर काबू पाया जाएगा। इस वाहन में अग्निशमन विभाग के वाहन की तरह पानी का टैंक जोड़ा गया है। वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों के फोन नंबरों को भी इसके तहत पंजीकृत किया जा रहा है, ताकि वे भी आग की घटनाओं को कम करने में अपना सहयोग दें। वन विभाग ने जानकारी देते हुए कहा कि आगजनी की घटनाओं को देखते हुए सभी कर्मचारियों व अधिकारियों की 15 जुलाई तक छुट्टियां रद्द कर दी गई है। उन्हे केवल किसी आपात स्थिति में ही छुट्टियां दी जा रही है।

 

 

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