अब एडीआर तकनीक से निपटेंगे अदालत के मामले

बिलासपुर—अब बिलासपुर जिला में एडीआर (वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र) तकनीक से अदालत से जुड़े मामलों का निपटारा किया जा सकेगा। इस बाबत सेंटर बनकर तैयार हो चुका है। इसका विधिवत उद्घाटन शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कि यह भवन पूर्ण रूप से आधुनिक सुविधाओं से लैस है। उन्होंने कहा कि एडीआर केंद्र में एडीआर तकनीक द्वारा अदालत से जुड़े मामलों का निपटारा किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि लगभग सवा तीन करोड़ रुपए की लागत से निर्मित किए गए इस एडीआर सेंटर में सभी आधुनीक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसका उद्देश्य आम जनता तक विधिक सेवाओं व एडीआर तकनीक के माध्यम से सस्ता व त्वरित रूप में न्याय की राहत पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि अदालत में मामला आने से पहले ही उसका निपटारा किया जा सके इसके लिए दोनों पक्ष दावा दायर करने से पहले लोक अदालत में अपना मामला पेश कर सकते हैं। इससे दोनों पक्षों को मध्यस्थता के माध्यम से तुरंत व सस्ता न्याय उपलब्ध हो सकता है। कार्यकारी मुख्य न्यायधीश ने जहां जजों व अधिवक्ताओं को मध्यस्थता के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा मामलों को निपटाने का आह्वान किया तो वहीं उन्होंने जिला उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक से कहा कि वह भी मध्यस्थता के माध्यम को अपनाकर लोगों को सस्ता व त्वरित न्याय प्रदान करने के लिए मार्गदर्शित करें जो कि समाज के लिए एक महान सेवा होगी। इस अवसर पर रजिस्ट्रार जनरल हाई कोर्ट वीरेंद्र सिंह, सदस्य सचिव राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण प्रेम पाल रांटा, जिला एवं सत्र न्यायधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण बिलासपुर आरके चौधरी, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश घुमारवीं अमन सूद, सीनियर सिविल जज बिलासपुर हितेंद्र शर्मा, सीनियर सिविल जज घुमारवीं विक्रांत कौंडल, सचिव जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण आक्षी शर्मा, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चमन ठाकुर, तेजस्वी शर्मा, उपायुक्त राजेश्वर गोयल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार के अतिरिक्त अन्य गणमान्य अधिवक्ता व अधिकारी उपस्थित रहे।

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