अब रोहतांग परमिट को ब्लैक करने में जुटे शातिर

मनाली-फिल्मों की टिकटों को तो ब्लैक करते हुए आपने कई बार सुना व देखा होगा, लेकिन मनाली में रोहतांग दर्रे के परमिट भी ब्लैक किए जा रहे हैं। यहां प्रशासन की सख्ती के बाद फर्जी वाहनों की आवाजाही रोहतांग के लिए बंद तो हो गई, वहीं अब शातिरों ने बाहरी राज्यों से इंटरनेट के एक्सपर्ट्स के साथ मिल रोहतांग परमिट की साइट से धड़ा-धड़ परमिट निकालने का खेल शुरू कर दिया है। ऐसे में स्थानिय टैक्सी चालक जहां समय पर रोहतांग परमिट हासिल नहीं कर पा रहे हंै, वहीं बाहरी राज्यों से शातिर बिचौलियों के माध्यम से रोहतांग परमिट को महंगे दमों पर यहां सैलानियों व वाहन चालकों को उपलब्ध करवा रहे हैं। हलांकि प्रशासन का कहना है कि साइट के है होने की शिकायत तो नहीं  मिली है,लेकिन एक ही जगह से ज्यादा परमिट निकालने की सूचनाएं उन्हें भी मिली हैं। ऐसे में इस मामले मंे प्रशासन जांच करने मंे जुट गया है। रोहतांग दर्रे के दीदार के लिए देश-विदेश से सैलानी मनाली तो पहुंच रहे हैं, लेकिन रोहतांग जाने के लिए ऑनलाइन परमिट हासिल करना इन दिनों सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। बाहरी राज्यों में बैठे इंटरनेट के मास्टर माइंड जहां रोहतांग परमिट की साइट के खुलते ही चंद मिनटों में अधिकतर परमिट निकाल रहे हैं, वहीं इन परमिट को बिचौलियों के माध्यम से मनाली में सैलानियों व ट्रैक्सी आपरेटरों को महंगे दामों पर बेच रहे हैं। ऐसे में जहां रोहतांग परमिट की साइट पर महज दस मिनट में ही सभी परमिट निकाली लिए जा रहे हैं, वहीं घाटी के टैक्सी आपरेटरों के कारोबार पर भी इसका खासा असर पड़ रहा है। टैक्सी आपरेटरों का कहना है कि बाहरी राज्यों से रोहतांग परमिट की साइट को शातिरों द्वारा हैक की जा रही है, जिस कारण उन्हें रोहतांग दर्रे पर जाने के लिए परमिट नहीं मिल पा रहे हैं।  एनजीटी के आदेशों के बाद जहां रोहतांग दर्रे पर सीमित वाहनों के ही जाने की अनुमति है, वहीं दर्रे पर जाने के लिए वाहन चालकों को परमिट लेना भी अनिवार्य किया गया है। ऐसे में प्रशासन ने सैलानियों की सुविधा के लिए जहां रोहतांग परमिट नाम से इंटरनेट पर एक वैबसाइट चलाई है, वहीं रोहतांग दर्रे के परमिट भी ऑनलाइन उपलब्ध करवाए गए हैं। यहां बतादें कि रोहतांग दर्रे के लिए रोजाना दिन में दो बार रोहतांग के परमिट जारी किए जाते हैं, जिसमें सुबह दस बजे 600 परमिट दिए जाते हैं, जबकि शाम चार बजे अन्य 600 परमिट जारी किए जाते हैं, लेकिन साइट के खुलते ही महज चंद मिनटों में ही उक्त सभी परमिट बाहरी राज्यों में बैठे इंटरनेट के मास्टर माइंड लोगों द्वारा निकाल लिए जाते हैं। फिर यह शातिर दलालों के माध्यम से जहां मनाली में इन परमिट को महंगे दामों पर बेचते हैं, वहीं यहां मौजूद टैक्सी चालकों के कारोबार को भी यह शातिर प्रभावित कर रहे हैं। उधर, एसपी कुल्लू शालिनी अग्निहोत्री का कहना है कि पुलिस के पास इस संबध में किसी भी तरह की कोई शिकायत नहीं आई है। अगर शिकायत होती है तो पुलिस इस संबंध मंे कार्रवाई करेगी।

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