अब वजीफे को सरकारी पोर्टल

शिक्षा विभाग ने तैयार किया अपना ऑनलाइन मॉड्युल, सरकार की मंजूरी

शिमला-हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग का देरी से ही सही, लेकिन अब वजीफे के लिए अलग से पोर्टल होगा। शिक्षा विभाग ने पहली बार वजीफे के लिए अपना अलग पोर्टल तैयार किया है। खास बात यह है कि इस नए पोर्टल को राज्य सरकार ने भी मंजूरी दे दी है। अब जल्द ही शिक्षा विभाग इस पोर्टल का छात्रों को जाने वाली स्कॉलरशिप के लिए इस्तेमाल करेगा। जानकारी के मुताबिक शिक्षा विभाग का वजीफे से संबंधित पोर्टल लांच होने के बाद पात्र छात्रों को पीएफएमएस और डीबीटी के माध्यम से छात्रवृत्ति की राशि जारी होगी। नए पोर्टल को पूरी तरह से सिक्योर रखा जाएगा। कोई भी अधिकारी इस पोर्टल को आसानी से नहीं खोल पाएंगे। आईटी विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर शिक्षा विभाग ने यह ऑनलाइन मॉड््यूल तैयार किया है। शिक्षा विभाग का दावा है कि छात्रों को अब डीबीटी यानी कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कॉलरशिप का फायदा मिलेगा। विभागीय जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग ने तय किया है कि संस्थान लेवल पर भी अलग से छात्रवृत्ति जारी होने के बाद वेरिफिकेशन की जाएगी। वहीं विभिन्न कैटेगरी से छात्रों को मिलने वाली वजीफे की राशि सही अकाउंट में गई है या नहीं, इस पर भी संस्थान से लेकर शिक्षा निदेशालय तक कई बार वेरिफिकेशन होगी। बता दें कि इतने वर्षों से शिक्षा विभाग का अपना छात्रवृत्ति पोर्टल नहीं था। हैदराबाद कंपनी से विभाग ने पोर्टल किराए पर लिया है, जिस पर विभाग को हर साल लाखों रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। ऐसे में अब यह अच्छी खबर है कि विभाग ने अपना पोर्टल तैयार कर लाखों के बजट को भी बचा दिया है। बतां दें कि गत वर्ष जब करोड़ों रुपए का छात्रवृत्ति घोटाला सामना आए था, तो विभागीय जांच में इसी पोर्टल में अनियमितताएं पाई गई थी। छात्रवृत्ति में हुए करोड़ों के घोटाले में हैदराबाद के इस पोर्टल पर भी कई सवाल उठाए गए थे। प्रदेश में छात्रवृत्ति की पूरी 32 स्कीमें हैं, जिनमें से 18 छात्रवृत्ति योजनाएं सरकार की हैं और 14 राज्य सरकार की ओर से शुरू की गई हैं। खास बात यह भी है कि प्रदेश के आईटी संबधित विभाग में ट्रेनिंग करने वाले छात्रों को राज्य सरकार हर साल 75 हजार तक की राशी भी उपलब्ध करवाती है।

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