अभी तक नहीं भरे बर्फबारी के जख्म

शिमला – पहाड़ी प्रदेश को बर्फबारी से मिले जख्म अभी तक नहीं भर पाए हैं। बर्फबारी के दौरान जो नुकसान हिमाचल को हुआ उसकी भरपाई केंद्र सरकार ने मामूली से भरपाई की। दो हजार करोड़ के करीब का नुकसान आंका गया था, लेकिन मुआवजा पहली किस्त में 317 करोड़ और अब 169 करोड़ मिला है। केंद्र में लोकसभा चुनाव के चलते  यह मामला ठंडा पड़ गया था, लेकिन अब दोबारा वहां मोदी सरकार के बनने के बाद उम्मीद जगी है। बताया जाता है कि राज्य में जल्द ही केंद्रीय दल का दौरा होगा। केंद्र सरकार इस नुकसान का जायजा लेने के लिए यहां टीम को भेजने जा रही है। केंद्रीय दल के प्रदेश दौरे पर आने की जानकारी प्रदेश सरकार को मिल चुकी है। इसके बाद सरकार की तरफ से केंद्रीय दल को उन स्थानों का निरीक्षण करवाया जाएगा, जहां पर बहुत ज्यादा बर्फबारी और बरसात के कारण राज्य में हजारों सैलानी एवं स्थानीय लोग फंस गए थे। यह बर्फबारी और बरसात चंबा, कुल्लू एवं लाहुल-स्पीति सहित अन्य स्थानों पर बड़ी मात्रा में हुई थी। इसके लिए राज्य को भारतीय वायु सेना के 7 हेलिकाप्टर की सेवाएं भी उस समय लेनी पड़ी थी। विभिन्न स्थानों से करीब 4,100 लोगों को सुरक्षित निकाला गया था। अब केंद्रीय दल के आने से पहले प्रदेश को दूसरी किस्त के रूप में 169 करोड़ रुपए जारी हुए हैं। राज्य सरकार के आंकलन के अनुसार भारी बारिश व बर्फबारी के कारण अकेले पीडब्ल्यूडी को 1,300 करोड़ रुपए से अधिक की चपत लगी थी। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग का नुकसान भी करीब 500 करोड़ रुपए के आसपास था। इसके अलावा कृषि, फसलों तथा अधोसंरचना को करीब 150 करोड़ रुपए का नुकसान आंका गया था। इस अवधि के दौरान राज्य में कुल 405 भू-स्खलन तथा 34 बादल फटने की घटनाएं भी घटित हुई थी। इस तरह बाढ़, भू-स्खलन, बादल फटने तथा सड़क दुर्घटनाओं के कारण 343 लोगों ने अपनी जानें गवाई थी। सरकार ने इसे देखते हुए आश्रितों को करीब 13.72 करोड़ रुपए की अनुग्रह राशि राहत के तौर पर प्रदान की थी। केंद्रीय दल के आने से पहले यहां विभागीय अधिकारियों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। अधिकारी अपनी रणनीति बना रहे हैं ताकि नुकसान का पूरा मुआवजा मिल सके। यहां बैठकों के साथ यह दल फील्ड का भी दौरा करेगा।

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