अवैध एफडी पर फंसी सोसायटियां

रिजर्व बैंक ने हिमाचल की 5031 सहकारी सभाओं पर कार्रवाई के दिए निर्देश

शिमला — बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट की धज्जियां उड़ाकर आम लोगों का फिक्स डिपोजिट (एफडी) करने पर को-ऑपरेटिव सोसायटीज फंस गई हैं। हिमाचल प्रदेश की 5031 सहकारी सभाओं को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने खतरे का पैगाम भेज दिया है। आरबीआई ने अपनी ताजा गाइडलाइंस में कहा है कि नॉन मेंबर्स का फिक्स डिपोजिट कर रही सहकारी सभाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसमें कहा गया है कि को-ऑपरेटिव सोसायटीज सिर्फ अपने मेंबर का ही फिक्स डिपोजिट कर सकती हैं। इन सहकारी सभाआें को गैर सभा सदस्यों की पूंजी को बैंक में रखने का अधिकार नहीं है। आम लोगों के पैसों को शेड्यूल बैंक ही रख सकते हैं। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि सहकारी सभाओं के लिए यह गाइडलाइंस पहले से ही जारी की जा चुकी हैं। अब ताजा दिशा निर्देशों में आरबीआई ने सख्ती बरतते हुए कहा है कि बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के खिलाफ जाकर लोगों के पैसे जमा कर रही सोसायटियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए। गौर हो कि बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के अनुसार लोगों की जमा पूंजी की सुरक्षा का प्रावधान है। इसी एक्ट के तहत राज्य तथा राष्ट्रीय बैंकों को फिक्स डिपोजिट तथा पूंजी जमा के अधिकार दिए हैं। इसके बदले बैंकों को जवाबदेह भी बनाया गया है। लिहाजा बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के दायरे से बाहर फिक्स डिपोजिट कर रही सहकारी सभाओं के लिए अब मुसीबत आ गई है।

नाबार्ड ने दिखाई आंख

हिमाचल की सहकारी सभाओं के लिए बुरी खबर यह है कि नॉन मेंबर्स का फिक्स डिपोजिट करने पर नाबार्ड ने भी कड़ा ऐतराज जताया है। इसके लिए नाबार्ड ने राज्य को उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। नाबार्ड ने कहा है कि इससे आम जनता का पैसा सुरक्षित नहीं माना जा सकता।

हरकत में आई सरकार

आरबीआई तथा नाबार्ड की तीखी टिप्पणी के बाद हिमाचल सरकार हरकत में आई है। इसके चलते रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसायटीज ने सभी सहकारी सभाओं का रिकार्ड तलब किया है। ऐसे में सोसायटियों में जमा नॉन मेंबर्स की राशि बैंकों में शिफ्ट हो सकती है।

घोटालों ने बढ़ाई मुसीबत

आम लोगों की जमा पूंजी के बाद कई सोसायटियां खतरे की जद में है। हमीरपुर, ऊना और कांगड़ा की सहकारी सभाओं में करोड़ों के गबन के मामले चल रहे हैं। इस फेहरिस्त में शामिल कई सोसायटियों के सचिवों ने गबन के विवादों के साये में खुदकुशी तक कर ली है। इसलिए सरकार गंभीर हो गई है।

You might also like