आईआईटी मंडी में अब एक साथ होगी बीटेक-एमटेक

 मंडी  —भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान ने शिक्षा सत्र 2019-20 से बायोइंजीनियरिंग में एक विशिष्ट बीटेक-एमटेक इंटीग्रेटिड डुअल डिग्री प्रोग्राम शुरू किया है। इसका लक्ष्य विभिन्न इंजीनियरिंग समस्याओं के समाधान के लिए कई विकल्प देने हैं। जीव विज्ञान की दुनिया का डाटा समझने से लेकर प्रोस्थेटिक्स के माध्यम से वास्तविकता जानने तक, जीव विज्ञान समझने के लिए कम्प्युटेशनल मॉडल के उपयोग से लेकर डायग्नॉसिस के लिए मशीन लर्निंग की तकनीक तक यह प्रोग्राम बायोइंजीनियरिंग का अधिक व्यापक दृष्टिकोण अपनाएगा और केवल बायोमेडिकल इंजीनियरिंग तक सीमित नहीं होगा। बायोइंजीनियरिंग में बीटेक-एमटेक इंटीग्रेटिड डुअल डिग्री भारत के लिए विशिष्ट प्रोग्राम है और यह बैचलर स्तर के विद्यार्थियों को बायोइंजीनियरिंग में विशेषज्ञता के विभिन्न क्षेत्रों से चुनने का बड़ा दायरा देगा। प्रोग्राम की विशिष्टता पर चर्चा करते हुए, आईआईटी, मंडी के कम्प्युटिंग एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग स्कूल के सहायक प्रोफेसर डा. शुभजीत रॉय चौधरी ने कहा कि बायोइंजीनियरिंग प्रोग्राम का आधार व्यापक है। इसमें विशेषज्ञता बाद के चरण में आती है। इससे बीटेक के छात्रों को आंतरिक शक्तियों को समझने और बाद में विशेषज्ञता प्राप्त करने का निर्णय लेने का अवसर देता है। इसमें छात्र पांच वर्षों में बीटेक, एमटेक इंटीग्रेटिड डुअल डिग्री प्राप्त करेंगे।

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