आचार संहिता से लंबित पड़े काम की दो पूरी डिटेल

उपायुक्त ने कार्यभार संभालते ही सभी महकमों को दिए आदेश, अगले हफ्ते बुलाई एनएचएआई के अफसरों की मीटिंग

बिलासपुर -कार्यभार संभालने के साथ ही बिलासपुर जिला के नए उपायुक्त राजेश्वर गोयल एक्शन मोड में आ गए हैं। सभी विभागों के अध्यक्षों को लोकसभा चुनाव आचार संहिता की वजह से लंबित पड़े लाखों करोड़ों रुपए की लागत के छोटे-बड़े विकास कार्यों को गति प्रदान करने को लेकर पूरी डिटेल लेकर आने के लिए निर्देशित किया गया है, ताकि विकासात्मक कार्यों पर चर्चा करने के बाद एक तय समयावधि के भीतर पूरा करने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जा सकें। इसके साथ ही बिलासपुर से जुड़े छोटे-बड़े मसलों पर भी डीसी ने पूरा फोकस किया है। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन के पिछले दो सालों से ठप पड़े निर्माण कार्य पर संज्ञान लेते हुए एनएचएआई के आलाधिकारियों के साथ अगले हफ्ते मीटिंग करने का निर्णय लिया है। जिलाधीश राजेश्वर गोयल ने मंगलवार को बताया कि फोरलेन का कार्य ठप होना गंभीर विषय है, जबकि यह कार्य पूरा करने के लिए मार्च 2016 लक्ष्य तय किया गया था। यह मामला मुख्यमंत्री के ध्यान में भी है और राज्य सरकार भी इस दिशा में प्रयासरत है। उम्मीद है कि फोरलेन का कार्य एक तय समय सीमा के भीतर पूरा करवाया जाएगा। डीसी ने गोबिंदसागर झील में जलमग्न मंदिरों के पुर्नस्थापन को लेकर ठंडी पड़ी प्रक्रिया को रफ्तार देने के लिए भी काम शुरू किया है। उन्होंने बताया कि इस मसले पर गंभीरता से काम किया जाएगा और जल्द से जल्द आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) के अधिकारियों से संवाद स्थापित कर मंदिरों के स्थानांतरण के लिए सर्वेक्षण करवाया जाएगा, क्योंकि शहर में काला बाबा की कुटिया के पास लगभग तीस बीघा जमीन उपलब्ध है। पर्यटन विकास की दृष्टि से शताब्दी पुराने ऐतिहासिक मंदिरों का पुर्नस्थापन नितांत जरूरी है, जिसके लिए एक मिशन के तहत काम किया जाएगा। भाखड़ा विस्थापितों के लिए एचआरटीसी कॉलोली के समीप खाली पड़ी सरकारी जमीन पर चिन्हित किए गए प्लॉटों के आबंटन का मसला ध्यान में आने के बाद डीसी राजेश्वर गोयल ने इस पर संज्ञान लिया है और जल्द ही सारा मामला स्टडी कर आगामी कार्रवाई शुरू करने की बात कही। उन्होंने बताया कि जब जमीन उपलब्ध है और पीडब्ल्यूडी के माध्यम से प्लाटों के आबंटन को लेकर प्रक्रिया भी शुरू की गई थी तो पेंच कहां फंसा है, इस पर संबंधित विभागों के साथ विचार विमर्श के बाद आगामी कार्रवाई आरंभ की जाएगी। बिलासपुर शहर में एक लंबी समयावधि से लंबित चल रहे आधुनिक सीवरेज सिस्टम स्थापित करने के प्रोजेक्ट को लेकर डीसी ने स्पष्ट किया कि इसके बारे में आईपीएच विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर अगली कार्रवाई शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि शहर मंे सालों पुरानी सीवरेज प्रणाली है, जिसकी लीकेज की शिकायतें आती रहती हैं लिहाजा इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए जल्द ही कवायद शुरू की जाएगी।

 

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