आपसी खींचतान में घुटा त्रियूंड का गला

धर्मशाला—पर्यटन राज्य कहे जाने वाले पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश की विश्व प्रसिद्ध पर्यटन, खेल एवं बौद्ध नगरी धर्मशाला के पर्यटक स्थल मकलोडगंज, नड्डी, भागसूनाग और विख्यात ट्रैकिंग साइट त्रियूंड में व्यवस्था से पर्यटन कारोबार पूरी तरह से हार गया है।  मकलोडगंज में हुए बेतरतीव निर्माण, ट्रैफिक जाम की समस्या, नड्डी में डल झील के सुराख को कई सालों बाद भी करोड़ों बजट होने के बावजूद न भरे जाने से पर्यटक स्थलों को उजाड़ा जा रहा है, वहीं विश्व प्रसिद्ध ट्रैकिंग साइट त्रियूंड में आपसी खींचतान में ही गला घोंट दिया गया है।  अब हाई कोर्ट में मामला पहुंचने पर कड़ा संज्ञान लेते हुए क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण सहित पूरी स्पष्ट स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है। ऐसे में हाई कोर्ट में जांच तक टूरिस्ट सीजन में ही त्रियूंड में नाइट कैंपिंग पर रोक लगाई गई है, जिससे हजारों पर्यटकों को निराश होकर लौटने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

देख लो…. उजड़ गई प्रसिद्ध नड्डी डल झील

धर्मशाला के पर्यटन की शान एवं धार्मिक आस्था का महत्व रखने वाली नड्डी डल झील भी पूरी तरह से उजड़ती हुई नजर आ रही है। झील के सुराख को कई वर्षों से नहीं भरा गया है, जिससे अब पानी की बजाय मात्र कीचड़ ही नजर आता है। इतना ही नहीं, पानी सुखने के कारण मछलियों को भी नालों और खड्डों में शिफ्ट किया जा चुका है। एडीबी के तहत साढ़े तीन करोड़ का बजट अप्रुव है, जिसमें सवा करोड़ पर्यटन विभाग के पास पहुंच चुका है, लेकिन व्यवस्था अभी भी धड़ाम है।

अब इन ट्रैकिंग साइट में ले घूमने का आंनद

खड़ौता से ट्रैकिंग के लिए ठठारना, ज्वाला, गड़ेला, होड़ी, कैमली, चक्का सहित स्नो लाइन धौलाधार सहित विभिन्न प्राकृतिक खूबसूरती वाली धार में पहुंच रहे हैं। वहीं, थातरी में चंबा के कुगती के बाद बने प्रसिद्ध केलंग मंदिर (कार्तिक स्वामी), मतड़ा नाग मंदिर, मतड़ा नाग वाटर फॉल, बौहण छौ वॉटर फाल, थातरइयाल कैंपिंग साइट थातरी, सेब बगीचे, तोरल कैफे, हिमालयन नेस्ट लॉग हटस,सहित अन्य पर्यटक स्थलों में पर्यटक घूमने का आंनद ले रहे हैं।

इसके अलावा खनियारा के अघंजर महादेव मंदिर, सलोटी माता मंदिर खड़ौता और लूंटा में भी पर्यटकों की खूब तादाद देखने को मिल रही है।

खड़ौता से ट्रैकिंग के लिए ठठारना, ज्वाला, गड़ेला, होड़ी, कैमली, चक्का सहित स्नो लाइन धौलाधार सहित विभिन्न प्राकृतिक खूबसूरती वाली धार में पहुंच रहे हैं। वहीं, थातरी में चंबा के कुगती के बाद बने प्रसिद्ध केलंग मंदिर (कार्तिक स्वामी), मतड़ा नाग मंदिर, मतड़ा नाग वाटर फॉल, बौहण छौ वॉटर फाल, थातरइयाल कैंपिंग साइट थातरी, सेब बगीचे, तोरल कैफे, हिमालयन नेस्ट लॉग हटस,सहित अन्य पर्यटक स्थलों में पर्यटक घूमने का आंनद ले रहे हैं।

इसके अलावा खनियारा के अघंजर महादेव मंदिर, सलोटी माता मंदिर खड़ौता और लूंटा में भी पर्यटकों की खूब तादाद देखने को मिल रही है।

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