आय से अधिक संपत्ति मामले में रिखीराम कौंडल को कोर्ट से राहत

बिलासपुर—आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूर्व मंत्री एवं विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष रिखीराम कौंडल को न्यायालय ने एक बड़ी राहत प्रदान की है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिलासपुर की अदालत ने मैरिट के आधार पर उनके खिलाफ  चल रहे मामले को खारिज कर दिया है। लगभग सात साल के इंतजार के बाद आए इस फैसले को रिखीराम कौंडल ने सच्चाई की जीत करार दिया है। जानकारी के अनुसार रिखीराम कौंडल द्वारा 2007 और 2012 के चुनावों में भरे गए नामांकनों के आधार पर एक एडवोकेट की ओर से उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय में याचिका दायर की थी। इस पर अदालत ने विजिलेंस को केस रजिस्टर करने के आदेश दिए थे। विजिलेंस ने लगभग पांच साल तक छानबीन की। जांच पूरी होने के बाद कोर्ट में चालान पेश किया गया। इस मामले में कौंडल की ओर से एडवोकेट प्रभुराम पटियाल, डीएस कुटाल व दौलतराम शर्मा ने पैरवी की। नियमों के अनुसार मंत्री-विधायक जैसे जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अदालती कार्रवाई के लिए सरकार की अनुमति लेना जरूरी होता है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया था। ऐसे में मैरिट के आधार पर शुक्रवार को सत्र न्यायाधीश ने पूर्व मंत्री रिखीराम कौंडल के खिलाफ  आय से अधिक संपत्ति का यह मामला खारिज कर दिया।

न्यायपालिका पर था पूरा भरोसा

रिखीराम कौंडल ने कहा कि न्यायपालिका ने इनसाफ किया है। अदालत का यह फैसला सच्चाई की जीत है। वैसे भी जब उनके खिलाफ  एफआईआर दर्ज हुई थी तो उस समय उन्होंने कहा था कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।

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