इंद्रदेव मेहरबान, तो फिर पिटेगा पाकिस्तान

आज बारिश की आशंका के बीच वर्ल्ड कप का हाईवोल्टेज मुकाबला दोपहर बाद तीन बजे से

मैनचेस्टर –क्रिकेट इतिहास के दो सबसे बड़े चिर-प्रतिद्वंद्वियों भारत और पाकिस्तान के बीच सुपर संडे को होने वाले आईसीसी विश्व कप के महामुकाबले में जबरदस्त भिड़ंत की उम्मीद है, लेकिन इस पर महामुकाबले पर बारिश की आशंका के बादल मंडरा रहे हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच ओल्ड ट्रैफर्ड में होने वाले इस मुकाबले का क्रिकेट प्रशंसकों के साथ आईसीसी को भी बड़ी बेसब्री से इंतजार है, जिसके टिकट महीनों पहले बिक गए थे। इस मैच को लेकर सभी की सांसें थमी हुई हैं। रविवार को यह मुकाबला शुरू होते ही स्टेडियम हॉउसफुल हो चुका होगा, करोड़ों निगाहें टीवी स्क्रीन पर चिपक चुकी होंगी और भारत और पाकिस्तान की गलियों में सन्नाटा पसर चुका होगा। इस मुकाबले को लेकर हर तरफ यही उम्मीद लगाई जा रही होगी कि बारिश न हो और एक पूरा मुकाबला देखने को मिले। भारत के खाते में तीन मैचों से पांच अंक हैं और पाकिस्तान के चार मैचों से तीन अंक हैं। पाकिस्तान का यह पांचवां और भारत का चौथा मैच होगा। ओल्ड ट्रैफर्ड ने गत 22 मई के बाद से कोई मैच आयोजित नहीं हुआ है। पिछले सप्ताह यहां रोजाना बारिश हुई थी, जिसके कारण अधिकतर समय तक पिच पर कवर पड़े रहे हैं। पिच पर हालांकि घास नहीं दिखाई दे रही है, लेकिन यहां की पिच पारंपरिक रूप से स्विंग गेंदबाजों की मदद करती है। रविवार को बारिश होने की भविष्यवाणी की गई है। इस आशंका के बीच दोनों टीमों के साथ आईसीसी और उसके निवर्तमान मुख्य कार्यकारी डेविड रिचर्डसन उम्मीद लगा रहे हैं कि किसी तरह यह मैच सुरक्षित निकल जाए। यदि यह मैच बारिश से धुलता है, तो आईसीसी की बड़ी किरकिरी होगी, क्योंकि यह टूर्नामेंट का सबसे बड़ा मुकाबला माना जा रहा है।

टीम इंडिया

रोहित शर्मा, केएल राहुल, विराट कोहली (कप्तान), दिनेश कार्तिक, महेंद्र सिंह धौनी, हार्दिक पांड्या, केदार जाधव, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, युजवेंद्र चहल।

पाकिस्तान

इमाम उल हक, फखर जमां, बाबर आजम, मोहम्मद हफीज, सरफराज अहमद (कप्तान), शोएब मलिक, आसिफ अली, हसन अली, वहाब रियाज, मोहम्मद आमिर, शाहीन अफरीदी।

सतर्क रहना होगा

मैनचेस्टर। पूर्व भारतीय कप्तान और बल्लेबाज सौरभ गांगुली ने कहा है कि पाकिस्तान के खिलाफ कोई भी मुकाबला एक क्रिकेट मैच से ज्यादा भावनाओं का सैलाब होता है। भारत ने गांगुली की कप्तानी में 2003 के विश्वकप में फाइनल में जगह बनाई थी और इस दौरान उसने पाकिस्तान को हराया भी था। गांगुली ने कहा, पाकिस्तान के साथ मैच मात्र एक क्रिकेट मैच नहीं होता है, बल्कि इसमें भावनाओं का ज्वार उमड़ता है और लोग इसके रोमांच में डूब जाते हैं। इस लिहाज से मैनचेस्टर का मुकाबला एक बड़ा मुकाबला होगा। गांगुली ने कहा, इस विश्वकप की टीम में मोहम्मद आमिर कहीं भी नहीं थे, उन्हें हटा दिया गया था, लेकिन उन्होंने वापसी की और टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज गए। यही वजह है कि भारतीय टीम को पाकिस्तान से सतर्क रहना होगा।

लय से खेले, तो जीत मुट्ठी में

मैनचेस्टर। भारत के क्रिकेट लीजेंड सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि पाकिस्तान अपने दिन बेशक एक खतरनाक टीम है, लेकिन टीम इंडिया यदि अपनी लय के साथ खेलती है, तो वह पाकिस्तान को हरा सकती है। सचिन ने कहा, पाकिस्तान के साथ मुकाबला हमेशा चर्चा में रहता और इस पर महीनों पहले बात शुरू हो जाती है। जब हम 2003 के विश्वकप में पाकिस्तान से खेले थे, तो उससे एक साल पहले ही इस मुकाबले को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। लोगों का यह मानना होता है कि उनकी टीम हर हाल में जीते। हालांकि खिलाड़ी इस नजरिए से नहीं सोचते हैं। वह अपना प्रदर्शन करने के लिए मैदान में उतरते हैं। पाकिस्तानी टीम का प्रदर्शन बड़ा अनिश्चित रहता है और वह एक खतरनाक टीम है। भारतीय टीम किसी भी रूप में पाकिस्तान को हल्के में नहीं ले सकती है। भारतीय टीम को अपने हर कदम पर शत प्रतिशत प्रदर्शन करना होगा और मुझे लगता है कि हम यही कर रहे हैं।

भारत के कमजोर मध्यक्रम का उठाएं फायदा 

मैनचेस्टर। पूर्व कप्तान वसीम अकरम का कहना है कि विश्व कप के मैच में जब दोनों टीमें आमने-सामने होंगी तो पाकिस्तान के गेंदबाजों को भारत के कमजोर मध्यक्रम का फायदा उठाना चाहिए। कई भारत-पाक क्रिकेट मैचों के नायक रहे अकरम को उम्मीद है कि मोहम्मद आमिर की अगवाई वाला आक्रमण मध्यक्रम में कमजोरी ढूंढने में सफल रहेगा। अकरम ने कहा, भारत का शीर्ष क्रम मजबूत है। इसमें सिर्फ विराट ही नहीं, बल्कि रोहित (शर्मा) भी है। मुझे लगता है कि मध्यक्रम इतना मजबूत नहीं है। पाकिस्तान के गेंदबाजों को इसका फायदा उठाने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मोहम्मद आमिर की टीम में मौजूदगी काफी सकारात्मक चीज है, जिसने आस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में 30 रन देकर  पांच विकेट चटकाए थे। उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि उन्होंने आमिर को टीम से बाहर ही क्यों किया। उनकी मौजूदगी ही काफी अहम है, भले ही वह अपने शीर्ष पर नहीं हो। वह अब सीनियर गेंदबाज है और मेरा मानना है कि युवाओं का मार्गदर्शन करना उसका काम है।

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