इसी महीने से शुरू होगी सातवीं आर्थिक जनगणना

नई दिल्ली – बढ़ती बेरोजगारी और नौकरियों की समस्याओं को लेकर आलोचना का सामना कर रही मोदी सरकार ने इसी महीने के अंत में देश में सातवीं आर्थिक जनगणना कराने की तैयारियां शुरू कर दी है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार अब तक हर पांच वर्ष पर यह जनगणना होती है। इस वर्ष जून महीने के अंत में या जुलाई महीने के प्रारंभ इसे शुरू किया जाएगा और छह महीने में इसकी रिपोर्ट आएगी। आर्थिक जनगणना में देश में स्थित सभी प्रतिष्ठानों का संपूर्ण विवरण होता है। यह जनगणना सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है और इस जनगणना के लिए इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के साथ साझेदारी की गयी है। बयान में कहा गया है कि आर्थिक जनगणना की तैयारियां जोर शोर से चल रही है। देश भर में गणनाकारों द्वारा शुरू किए जाने वाले कार्य की तैयारी के लिए कई योजनाएं बनाई गई है। राज्य स्तर पर प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण इस व्यापक प्रक्रिया का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। इसी प्रक्रिया में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के लिए आर्थिक जनगणना पर प्रशिक्षकों के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण का गुरुवार को राजधानी में आयोजन किया गया है। कर्नाटक, केरल एवं गोवा में राज्य स्तरीय प्रशिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सात जून को किया जाएगा, जबकि मध्य प्रदेश के लिए 10 जून को होगा। तमिलनाडु के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला 11 जून तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, लक्षदीप के लिए इसका आयोजन 12 जून को किया गया है।

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