इस्तेमाल हो चुका प्लास्टिक खरीदेगी सरकार

कुदरत की रखवाली को नई पहल, हिमाचल में शुरू होगी नॉन रिसाइकिलेबल पोलिथीन योजना

शिमला— विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान वाटर प्यूरीफिकेशन इन वी गैरेटिव योजना का शुभारंभ करते मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर

शिमला – हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण के बचाव को लेकर राज्य सरकार ने नॉन रिसाइकिलेबल पोलिथीन योजना शुरू करने का फैसला लिया है। इसके तहत अब प्रदेश में इस्तेमाल हो चुके प्लास्टिक को खुले में फेंकने की बजाय सरकार उसे अच्छे दामों में लोगों से खरीदेगी। शिमला में बुधवार को पर्यावरण दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने योजना की घोषणा की। दरअसल मुख्यमंत्री बुधवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और शिक्षा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित पर्यावरण उत्कृष्टता पुरस्कार 2018-19 के वितरण समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। जयराम ठाकुर ने इस अवसर पर जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसमें शहर के 30 स्कूलों के लगभग 600 विद्यार्थियों ने भाग लिया। उन्होंने ‘पर्यावरण उत्कृष्टता पर सर्वोत्तम प्रथाओं का संकलन’ पुस्तक के अलावा अन्य जागरूकता प्रकाशन सामग्री का भी विमोचन किया। उन्होंने राज्य में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए संस्थानों और व्यक्तियों द्वारा उल्लेखनीय योगदान के लिए विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कार भी प्रदान किए।  उन्होंने विजेताओं को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह के साथ-साथ नकद पुरस्कार प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि राज्य सरकार निर्धारित मूल्य पर नॉन-रिसाइकिलेबल पोलिथीन को वापस खरीदेगी। इसके अलावा उन्होंने पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा निर्मित किए गए नए बैग का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष आरडी धीमान ने कहा कि वैश्विक उष्मीकरण पूरे विश्व में एक महत्त्वपूर्ण विषय बन  गया है। जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि, उद्योग इत्यादि क्षेत्रों में चुनौतियां सामने आई हैं तथा हम प्रदेश में पर्यावरण सुरक्षा के लिए कार्य कर रहे हैं। पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक डीसी राणा ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा उन्हें सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त वनस्पति खाद तकनीकों, पॉली-इंटों, गोबर निर्मित घड़ों इत्यादि को विभाग द्वारा आयोजित की गई प्रदशर्नी में प्रदर्शित किया गया।

दूषित जल प्रबंधन के लिए भी योजना

मुख्यमंत्री ने बुधवार को ‘वाटर प्यूरिफिकेशन इनविगोरेटिव योजना’ का शुभारंभ किया, जिसके तहत विभिन्न नदियों की धाराओं के दूषित जल के प्रबंधन के लिए 38 प्रकार के पौधों को चिन्हित किया गया है। प्रथम चरण में यह योजना सुकना नाला (परमाणु), मारकंडा नदी (कालाअंब) तथा सिरसा नदी (बद्दी) में और इनके आसपास आरम्भ की जाएगी।

मुस्कान को पत्तल-डोना बनाने की मशीन

जयराम ठाकुर ने ‘मुख्यमंत्री हरित तकनीक हस्तांतरण योजना’ के अंतर्गत सहायता स्वरूप जिला बिलासपुर के घुमारवीं के महिला स्वयं सहायता समूह ‘मुस्कान’ को पत्तल एवं डोना बनाने की मशीन वितरित की।

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