इस बार हजार शिक्षकों को अवार्ड

प्रदेश शिक्षा विभाग ने दिया खास शिक्षक का दर्जा, पांच सितंबर को नेशनल और स्टेट लेवल पर मिलेगा सम्मान

शिमला – प्रदेश के सरकारी स्कूलों में इस बार बेहतर परीक्षा परिणाम और शिक्षा में सुधार को लेकर किए गए अलग-अलग प्रयासों के लिए एक हजार शिक्षकों को खास शिक्षक का दर्जा शिक्षा विभाग ने दिया है। विभाग सरकारी स्कूलों के खास शिक्षकों को राज्य और नेशनल लेवल पर अवार्ड देने के लिए भी ज्यादा तवज्जो देंगे। बता दें कि कम बजट में भी छात्रों को बेहतर परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों को समग्र शिक्षा के तहत खास बनाने का फैसला शिक्षा विभाग ने लिया था। यही वजह है कि पिछले वर्ष भी 140 शिक्षकों को खास का दर्जा शिक्षा विभाग ने दिया था। विभागीय जानकारी के अनुसार इस बार एक हजार शिक्षकों को खास बनाया गया है। वहीं यह खास शिक्षक अब दूसरे शिक्षकों को अपनी कामयाबी के बारे में टिप्स देंगे। विभाग के अनुसार खास शिक्षकों को पांच सितंबर को अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस के मौके पर भी सम्मान दिया जाएगा। हालांकि एक हजार खास शिक्षकों में से भी चुनिंदा को शिक्षक दिवस पर सम्मानित होने का अवसर प्राप्त होगा। बता दें कि सरकारी स्कूलों में सरकारी शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए शिक्षा विभाग ने यह पहल की थी। शिक्षा विभाग की यह पहल कई स्कूलों में शिक्षा में गुणवत्ता लाने को लेकर भी सफल हुई है। बता दें कि खास शिक्षकों में ऐसे भी शिक्षक हैं, जिन्होंने कम बजट में भी अपने स्कूल को निजी स्कूल की तर्ज पर सुविधाएं दी हैं। शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों के इन प्रयासों का आगे भी जारी रखने के लिए सर्टिफिकेट देने का भी फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि विभाग खास शिक्षकों को सर्टिफिकेट देंगे व उसमें उक्त शिक्षक के कार्यों को लिखित में लिखा जाएगा। बताया जा रहा है कि डाइट केंद्रों में सेमिनार के लिए आने वाले शिक्षकोंं को खास शिक्षक बताएंगे कि सरकारी स्कूलों में एनरोलमेंट कैसे बढ़ानी है। वहीं यह भी बताया जाएगा कि स्कूलों में कम सुविधाओं में भी कैसे छात्रों को निजी स्कूलों की तर्ज पर सुविधाएं दी जा सकती हैं। जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग द्वारा बनाए गए खास शिक्षकों ने एसएमसी की बैठक में अभिभावकों को स्कूल तक लाने का प्रयास किया है। वहीं अहम यह भी है कि स्कूलों के विकास के लिए गांव व एसएमसी से लिए गए बजट से भी शिक्षकों ने स्कूल का ढांचा खड़ा कर वहां पर कई सुविधाएं जुटाई हैं।

शिक्षा निदेशालय ने तैयार की रिपोर्ट

प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने खास शिक्षकों की रिपोर्ट तैयार कर दी है। इन शिक्षकों में हर जिले के शिक्षक शामिल हैं। अहम यह है कि  जिन शिक्षकों को विभाग ने खास बनाया है, वह शिक्षक ग्रामीण और जनजातिय क्षेत्रों से जुड़े हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार इन शिक्षकों को डाइट केंद्रों में होने वाले प्रशिक्षण में ट्रेनिंग के लिए भी रखा जाएगा।

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