ई- चालान के लिए पहुंचे 78 मोबाइल

अपराध समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक गुरदेव शर्मा बोले, 147 ग्रेजुएट कांस्टेबल करेंगे पेंडिंग केस की जांच

मंडी -मंडी जिला में तैनात 147 ग्रेजुएट कांस्टेबल अब पेंडिंग केस की जांच करेंगे। कांस्टेबल उन पेंडिंग केस की जांच कर सकेंगे, जिस जुर्म में तीन साल से कम सजा का प्रावधान है। यह बात पुलिस अधीक्षक मंडी गुरदेव शर्मा ने मासिक संयुक्त सलाहकार समिति एवं अपराध समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने कहा कि इसके लिए ग्रेजुएट कांस्टेबल को पुलिस लाइन में ट्रेनिंग भी दी जा रही है। यहां बता दें कि बढ़ते पेंडिंग केस को सुलझाने के लिए सरकार ने हाल ही में फैसला लिया था कि ग्रेजुएट कांस्टेबल को भी जांच करने का अधिकार दिया जाएगा। इनमें कांस्टेबल उन केस की जांच कर सकते हैं, जिनमें तीन साल से कम सजा का प्रावधान हो। इसके तहत पुलिस ने इस बाबत कदमताल शुरू कर दी है। इसके अलावा ई-चालान के लिए मंडी जिला को 78 मोबाइल दिए गए हैं, जिससे अब ई-चालान शुरू किए जाएंगे। बार-बार ई-चलान से किसी चालक का चलान होता तो उनके लाइसेंस रद्द तक किए जा सकते हैं। यही नहीं, मंडी जिला में लोगों को नशे के दुषप्रभावों पर जागरूक करने के लिए पुलिस पंचायत स्तर पर भी काम करेगी। बैठक के आरंभ में पुलिस अधीक्षक मंडी ने पुलिस कर्मचारियों के कल्याण संबंधित मुद्दों को सुना व उनका निवारण प्राथमिकता के आधार पर किया। पुलिस अधीक्षक गुरदेव शर्मा ने इस जिला के सभी थाना प्रबंधक अधिकारियों और चौकी प्रभारियों को कड़े दिशा निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्राधिकार में कानून-व्यवस्था को बनाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी पर्यावेक्षक अधिकारियों व थाना प्रभारियों, चौकी प्रभारियों को महिलाओं के प्रति संवेदनसील व उचित व्यवहार करने के लिए जरुरी दिशा-निर्देश दिए। बैठक में एएसपी पुनीत रघु, डीएसपी (डेडक्वार्टर) कर्ण सिंह गुलेरिया, डीएसपी पद्धर मदनकांत शर्मा, डीएसपी सुंदरनगर तरणजीत सिहं, डीएसपी सरकाघाट चंद्रपाल, डीएसपी करसोग अरुण मोदी सहित सभी पुलिस थानों व चौकियों के प्रभारी सहित मंडी पुलिस के लगभग 45 पुलिस कर्मचारियों ने भाग लिया।

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