उपचुनाव अक्तूबर में, फिर सरकेगी इन्वेस्टर मीट

केंद्रीय चुनाव आयोग ने हरियाणा के आम चुनावों के साथ दिए तैयारियों के संकेत

 शिमला —हिमाचल के दो विधानसभा क्षेत्रों धर्मशाला तथा पच्छाद का उपचुनाव अक्तूबर महीने में होगा। केंद्रीय चुनाव आयोग ने हरियाणा के आम चुनावों के साथ हिमाचल में उपचुनाव की तैयारियों का संकेत दिया है। इसके चलते धर्मशाला में 26-27 सितंबर को प्रस्तावित इन्वेस्टर मीट एक बार फिर टल सकती है। इससे पहले भी इन्वेस्टर मीट का शेड्यूल दो बार बदला जा चुका है। सबसे पहले इन्वेस्टर मीट फरवरी तथा उसके बाद जून में निर्धारित हुई थी। बजट सत्र के कारण इन्वेस्टर मीट का शेड्यूल फरवरी माह से बदलकर जून में तय किया गया था। इसके बाद लोकसभा आम चुनावों के चलते इस महासम्मेलन को जून की बजाय सितंबर में आयोजित करने का निर्णय लिया है। चूंकि अब हिमाचल प्रदेश में छह माह के भीतर दो विधानसभा क्षेत्रों के लिए उपचुनाव होना निश्चित है। इसके लिए केंद्रीय चुनाव आयोग ने अक्तूबर के आसपास तैयार रहने को कहा है। हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा सही समय पर ही होगी। बावजूद इसके चुनाव आयोग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों के निर्वाचन अधिकारियों से खाली हुई विधानसभा की सीटों का फीडबैक मांगी है। इस संदर्भ में प्रदेश की पच्छाद तथा धर्मशाला सीट का हवाला दिया गया है। इसके चलते चुनाव आयोग ने कहा है कि हिमाचल का उपचुनाव हरियाणा के आम चुनावों के साथ किया जा सकता है। यह चुनाव अक्तूबर में आयोजित करने के संकेत दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि जयराम सरकार के खाद्य मंत्री किशन कपूर कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। किशन कपूर वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में धर्मशाला से चुनाव जीते थे। इसके चलते अब उन्हें सांसद निर्वाचित होने पर विधानसभा का पद छोड़ना होगा। इसी तरह पच्छाद के विधायक सुरेश कश्यप शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद बन चुके हैं। उन्हें भी विधायक पद से त्यागपत्र देना पड़ेगा। नियमों के तहत पद छोड़ने के छह माह के भीतर उपचुनाव का प्रावधान है।

चल रही जी-तोड़ मेहनत

उपचुनाव का सबसे बड़ा असर हिमाचल सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट इन्वेस्टर मीट पर पड़ेगा। आयोजन सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने खुद मोर्चा संभाला है। मुख्य सचिव बीके अग्रवाल से लेकर राज्य सरकार के तमाम उच्चाधिकारी इस अभियान को धरातल पर उतारने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं।

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