उपप्रधान की कार से भरे सैंपल

एफएसएल विशेषज्ञों ने घटनास्थल का दौरा कर एकत्रित किए नमूने, जल्द मिलेगी कामयाबी

गगरेट -विकास खंड गगरेट की ग्राम पंचायत लोहारली के उपप्रधान प्रदीप कुमार दीपू की हत्या के मामले की जड़ तक जाने के लिए पुलिस ने अब फोरेंसिक साइंस विशेषज्ञों का सहारा लिया है। मंगलवार को एफएसएल धर्मशाला से डा. एनएस पाल की अगवाई में आई फोरेंसिक साइंस विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल का दौरा कर मृतक उपप्रधान प्रदीप कुमार दीपू की कार को भी बारीकी से खंगाला और उस स्थान से भी कुछ नमूने एकत्रित किए हैं जहां पर मृतक प्रदीप कुमार दीपू की लाश बरामद हुई थी। मृतक उपप्रधान प्रदीप कुमार दीपू ने मरने से पहले एक बीडियो जारी कर अपने सौतेले भाइयों पर शराब में जहर मिलाकर पिला देने का आरोप लगाया था। हालांकि अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन पुलिस भी मान कर चल रही है कि प्रदीप कुमार दीपू की मौत जहरीले पदार्थ से ही हुई है। इसी के चलते मंगलवार को एफएसएल धर्मशाला से आई फारेंसिक साइंस विशेषज्ञों ने टीम ने घटनास्थल का दौरा कर उस पंप हाउस पर पड़े हुए कीटनाशक भी कब्जे में लिए हैं। इस पंप हाउस पर बैठ कर प्रदीप कुमार दीपू ने अपने सौतेले भाइयों के साथ बैठकर शराब पी थी। टीम ने उस स्थान से भी कुछ नमूने कब्जे में लिए हैं जहां शव बरामद हुआ था। हालांकि मौत के असली कारणों को जानने के लिए लाश का बिसरा पहले ही जांच के लिए एफएसएल धर्मशाला भेजा जा चुका है। पुलिस को उम्मीद है कि घटनास्थल से फोरेंसिक साइंस जांच के दौरान पुख्ता साक्ष्य मिल सकेंगे। उपप्रधान प्रदीप कुमार दीपू की हत्या के मामले ने हर किसी को स्तब्ध करके रख दिया है। उधर, डीएसपी मनोज जम्वाल ने बताया कि पुलिस इस मामले में कोई भी साक्ष्य छोड़ना नहीं चाहती इसलिए ही फोरेंसिक साइंस विशेषज्ञों को घटनास्थल पर बुलाया गया था। फोरेंसिक साइंस टीम ने घटनास्थल से कई नमूने लिए हैं।

 

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