उर्टू में राईजाच मेले में वाद्य यंत्रों पर झूमे देवलु

रामपुर बुशहर—उर्टू में आयोजित प्राचीन मेले की धूम रही। मेले में स्थानीय देवता सहित क्षेत्र भर से आए चार देवी देवता शरीक हुए। देवी-देवताओं संग जहां देवलु व ग्रामीण खूब झूमे, वहीं दूर-दूर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने उनके समक्ष शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके अलावा मेले की पारंपरिक संस्कृति को संजोए रखने के लिए इससे पूर्व खेलकूद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। देवता साहिब चंबू के कारदार रामदास ठाकुर ने बताया कि उर्टू में आयोजित राईजाच मेले में कोयला माता, पुजारली देवी, शरशाह नाग देवता और घाटू नाग देवता साहिब ने शनिवार देर शाम को मंदिर पहुंचे। यहां पहुंचने पर मंदिर कमेटी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। रविवार सुबह पूजा-अर्चना के बाद दिनभर गांव में नाटी का दौर चला। विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने देवलु और ग्रामीणों के साथ वाद्य यंत्रों की धुनों पर देर शाम तक नाटी डाली। इस दौरान ठाकुर दास, टेक चंद, धर्मदास, लांगू राम, रूप राम, प्रकाश, कोया राम, विजय गोस्वामी और अंशुल गोस्वामी मौजूद रहे। मेले से पूर्व खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। क्रिकेट प्रतियोगिता में पाथरम टीम ने लगातार चौथी बार कब्जा जमाया। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर क्बल के संयोजक अशोक कुमार बतौर मुख्यातिथि मौजूद रहे। क्लब के पदाधिकारियों ने मुख्यातिथि का शॉल व टोपी पहनाकर स्वागत किया। प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला मेजबान उर्टू और पाथरम टीम के बीच खेला गया, जिसमें मेजबान टीम ने पहले खेलते हुए निर्धारित सात ओवर में मात्र 47 रन बनाए। आशु ने जबरदस्त गेंदबाजी करते हुए दो ओवर में पांच विकेटें झटकी। वहीं रनों का पीछा करने उतरी पाथरम टीम ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर प्रतियोगिता पर कब्जा जमाया, जिसमें विपिन और हर्ष कायथ ने सबसे ज्यादा रन बनाए। प्रतियोगिता में प्लेयर ऑफ दि टूर्नामेंट का खिताब रजत और लगातार चौथी बार टूर्नामेंट जीतने पर सुरजीत ठाकुर को बेस्ट कप्तान के खिताब से नवाजा गया। मुख्यातिथि ने विजेता टीम को 35 हजार व ट्रॉफी से सम्मानित किया। वहीं उप विजेता टीम को 22 हजार रुपए व ट्रॉफी से नवाजा गया।

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