ऊना का पारा 44 के पार… आसमान से बरस रही आग

ऊना—ऊना जिला में प्रचंड गर्मी अपना रौद्र रूप दिखा रही है। जिला आग की भट्ठी की तरह तपना शुरू हो गया है। सूर्यादेव इस तरह से तांडव मचा रहे हैं कि आम जनता का भी जीना दुश्वार हो गया है। एक ओर जहां जिला भर में गर्मी का तापमान कुछ दिन पहले 40 डिग्री सेल्सियस से पार पहुंच चुका था। वहीं, लगातार बढ़ती गर्मी के चलते तापमान 44 डिग्री पार हो चुका है। जिला भर मे प्रचंड गर्मी पड़ने के चलते लोगों को समस्या झेलनी पड़ रही है। खासकर स्कूली बच्चों को भी काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से लगातार बढ़ रहे तापमान के चलते स्कूलों की समयसारिणी में बदलाव भी किया गया है, लेकिन उसके बावजूद भी स्कूली नौनिहालों की समस्या कम नहीं हो पाई है। वहीं, दोपहिया वाहन चालकों को भी सफर करना मुश्किल भरा हो चुका है। शुक्रवार को जहां जिला का तापमान 44.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। वहीं, शनिवार को जिला का तापमान 44.9 डिग्री तक पहुंच गया है। जोकि सीजन का सबसे गर्म दिन रहा है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग शीतल पेय पदार्थों का प्रयोग कर रहे हैं। जूस की दुकानों में भी लोगों की भीड़ देखी जा सकती है। दिन के समय तो ऊना में कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी हुई है। इससे इन दुकानदारों का धंधा की पहले से बेहतर चल रहा है। जिला के लोग 11 बजे के बाद अपने घरों में दुबक रहे हैं। इसके चलते दिन के समय बाजार में भी सन्नाटा पसरना शुरू हो गया था। लगातार बढ़ रहे तापमान के चलते लोगों को भारी समस्या झेलनी पड़ रही है। उधर, इस बारे में मौसम अधिकारी विनोद कुमार ने कहा आगामी दिनों में तापमान में वृद्धि होगी। इसके चलते लोगों को सवाधानी रखनी होगी।

स्कूलों की समयसारिणी में किया गया है बदलाव

गर्मी के तापमान में हो रही लगातार बढ़ोतरी के चलते जिला प्रशासन की ओर से स्कूलों की समयसारिणी में बदलाव कर दिया गया है। पहले जहां स्कूल सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक लगते थे। वहीं, अब सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक समय सारिणी निर्धारित की गई है, लेकिन शिक्षक संघ अभी भी समयसारिणी में बदलाव की मांग कर रहे हैं। स्कूली बच्चों को भी गर्मी के चलते भारी समस्या झेलनी पड़ रही है।

चिंतपूर्णी में श्रद्धालुओं की आवाजाही हुई कम

प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही कम हुई है। हालांकि रविवार को यहां पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रहती है,  लेकिन अन्य दिनों में नाममात्र श्रद्धालु ही शक्तिपीठ पहुंच रहे हैं। पंजाब राज्य के श्रद्धालुओं की आवाजाही बहुत ही कम हो गई है। इसमें गर्मी के तापमान को भी कारण माना जा रहा है। प्रचंड गर्मी में श्रद्धालु हिमाचल का रूख करते हैं, लेकिन ताबड़तोड़ गर्मी ने श्रद्धालुओं के पांव रोक दिए हैं।

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