ऊना ने खोया जवान… 100 झुग्गियां राख

ऊना—बीते सप्ताह जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए ऊना जिला के जवान अनिल जसवाल को अश्रुपूर्ण विदाई दी गई। वहीं, आक्रोशित ऊनावासियों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों के साथ आतंकवाद के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई। मात्र 27 वर्षीय सैनिक की शहादत पर हर ऊनावासी की आंख नम थी। परिजनों को जहां बेटे की शहादत पर नाज था तो वहीं आतंक के आकाओं के खिलाफ गुस्सा भी। परिजनों के साथ-साथ शहीद के साथियों में भी आतंकवाद के खिलाफ गुस्सा था। इसके अलावा जिला में गर्मी के सीजन में आग का तांडव अभी भी लगातार जारी रहा। घालूवाल में 100 प्रवासियों की झुग्गियां आग की भेंट चढ़ गई, जिसमें लाखों का नुकसान आंका गया। जबकि लोअर बढेड़ा में लगी आग सेें दो भैंसंे झुलस गई। आग की घटनाएं लगातार बढ़ने से जिला का तापमान एक बार फिर से 41 डिग्री के पार पहंुचने लगा है। जबकि कुछ दिन पहले आसमान से बरसी राहत की फुहारों से मौसम कूल हो गया था, लेकिन शनिवार व रविवार को गर्मी ने फिर से प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश में मानसून को लेकर भी जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है, जिसके लिए बैठके आयोजित की जाती हैं। इसके अलावा गुजरे सप्ताह में योग की भी खूब चर्चा रही। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की धूम जिलाभर में रही। मंत्रियों, विधायकों, राजनेताओं, कर्मचारियों सहित स्कूली बच्चों ने भी योग की विभिन्न क्रियाओं में भाग लिया। वहीं जनता की समस्याओं के लिए शुरू किए गए जनमंच कार्यक्रम का आयोजन चलोला पंचायत में किया गया। इसमें पंचायती राज, ग्रामीण विकास, पशु एवं मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने जनता की समस्याएं सुनी, जिनमें से अधिकत्तर समस्याओं को मौके पर ही हल किया। इसके अलावा अंब क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में शिक्षक द्वारा छात्रा से छेड़छाड़ का मामला भी खूब सुर्खियों में रहा। जबकि गगरेट व अंब में हुए दर्दनाक सड़क हादसों में एक नाबालिग सहित दो की मौत हुई। पुलिस टीम ने जखेड़ा में नाकाबंदी के दौरान नाके से लकड़ी की अवैध तस्करी मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

एडमिशन जोरों पर

ऊना के महाविद्यालयों में एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके चलते सुनसान पड़े कालेजों में एक बार फिर से रौनक लौटी है। रोजाना सैकड़ों युवक-युवतियां जिला के विभिन्न कालेजों में एडमिशनें लेने पहंुच रहे हैं। ऊना के राजकीय कालेज में ऑनलाइन एडमिशन हो रहे हैं, जहां नए छात्रों की सहूलियत के लिए हेल्प डेस्क भी लगाए गए हैं।

जिला के आपातकालीन नंबर

पुलिस-112, अग्निशमन केंद्र-101

पुलिस कंट्रोल रूम-01975-226048,

ऊना सदर थाना 01975-226028,

सिटी चौकी ऊना 01975 226175,

एंबुलेंस-108, 102,

आपदा प्रबंधन-1077,

गुडि़या हेल्पलाइन-1515,

होशियार हेल्पलाइन-1090

जिला मुख्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम के आपातकालीन नंबर 01975-225046,

01975-225049,

01975-225052 पर संपर्क सकते हैं।

आसमान से टपकी राहत की फुहारें

गर्मी की मार झेल रहे ऊना को रविवार को जिला के विभिन्न क्षेत्रों में हुई बारिश से काफी राहत मिली है। बढ़ती गर्मी व तेज धूप के कारण लोग घरों में कैद होने के लिए मजबूर थे। शनिवार को जिला का पारा एक बार फिर से 41 डिग्री को पार कर गया था, लेकिन रविवार को बरसे मेघों ने जिलावासियों को काफी राहत प्रदान की है। वहीं किसानों के चेहरों पर भी रौनक है।

सप्ताह की सुर्खियां

 नगर परिषद का डोर-टू-डोर अभियान बंद

 दिल्ली में शिकायत करने के बाद लगी बच्ची को पेंशन

 बुलेट पटाखा गैंग के खिलाफ पुलिस एक्शन मोड में

 डीसी कालोनी  में बिखरी गंदगी दे रही बीमारियों को न्यौता

 उपमंडल अंब की महिला प्रधान सस्पेंड

 चिंतपूर्णी में दानपात्र को लगी आग

 अंब में प्रवासी मजदूरों की तीस झुग्गियां राख

 शादी के पटाखों से लगी आग, फायर ब्रिगेड ने बुझाई

 चाइल्ड हेल्पलाइन ने परिजनों को सौंपा बच्चा

 ऊना में बिना पासिंग के ही दौड़ रही निजी बसें

 थानाकलां में लगेगा बायो गैस प्लांट

 नौकरी पाने को ऊना में 900 ने दिया इंटरव्यू

 ऊना के जंगलों में आग का कोहराम

पशु-पक्षियों के लिए बनाया हौद

 प्रचंड धूप में बेजुबान पशु-पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए पूबोवाल गांव के नौजवान सुच्चा सिंह ने पानी से भरी हौद का निर्माण करके अन्य लोगों को मानवता की राह दिखाई है। सूर्य के रौद्र रूप के बीच तपती गर्मी में पशु-पक्षियों को जब कहीं पानी दूर-दूर तक नजर नहीं आता। ऐसी स्थिति को भांपते हुए सुच्चा सिंह का दिल पिघल गया। मन ही मन विचार करने के बाद सुच्चा सिंह ने पूबोवाल से बालीवाल संपर्क मार्ग पर पशु-पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए हौद बनाने का प्रण लिया। उसे कुछ ही समय में पूरा भी कर दिया गया और पिछले कई वर्षों से सुच्चा सिंह सुबह व शाम को रोजाना पानी लेकर पशु-पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए इस हौद में डालते हैं। पशु-पक्षियों के प्रति लगाव के चलते प्यास बुझाने के इस पुण्यः कार्य को देखते हुए गांव के कुछ अन्य युवकों ने भी इसी हौद में पानी डालकर सुच्चा सिंह द्वारा शुरू किए गए पुनीत कार्य को और अधिक बढ़ावा देने में दरियादिली दिखाई है। सुच्चा सिंह ने बताया कि व्यक्ति तो अपनी प्यास बुझाने के लिए किसी से पानी भी मांग सकता है, लेकिन कुदरत के कहर से आहत बेजुबान पशु-पक्षियों को ऐसी स्थिति में प्यास बुझाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि बेजुबानों के कंठों की प्यास बुझाने के लिए ही आबादी से दूर गांव के ही जंगल में हौद का निर्माण करवाया है। उन्होंने बताया कि जब उनकी नजरों के सामने पशु-पक्षी हौद से पानी पीकर अपनी प्यास बुझाते है तो उन्हें बड़ा सुकून मिलता है।

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