ऊना में जंगल जलने की घटनाओं में आई कमी

ऊना -जिला ऊना में आग से होने वाली दुर्घटनाओं और जंगल की आग से निपटने की तैयारियों पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की मंगलवार को एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त ऊना अरिंदम चौधरी ने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में इस साल जंगलों की आग की घटनाएं कम हुई हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं आकड़ों के आधार पर अब तक जिला ऊना प्रदेश के सभी जिलों में सबसे कम वनों की आग से प्रभावित होने वाला जिला बन गया है। अरिंदम चौधरी ने बैठक में कहा कि जिला में जंगल की आग की घटनाओं पर नजर बनाए रखने, ऐसी घटनाओं की रोकथाम एवं लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से वन विभाग ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से अगले दो महीनों के लिए दो गाडि़यों की व्यवस्था की है। इस अवसर पर एडीसी ने स्टेशन फायर आफिसर को जिला के सभी सरकारी कार्यालयों में अग्नि सुरक्षा ऑडिट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अग्निशम विभाग सुरक्षा ऑडिट करने के बाद रिपोर्ट जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ऊना को  प्रस्तुत करे। इसके अतिरिक्त उन्होंने जिला के शिक्षा उपनिदेशकों को आदेश दिए कि आग से होने वाली घटनाओं के बारे में सभी सरकारी एवं गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को जागरूक करें तथा उन्हें सुरक्षा उपकरणों के बारे में भी जानकारी दें। अरिंदम चौधरी ने कहा कि गर्मी के मौसम में जिला के भीतर आग लगने की ज्यादातर घटनाएं प्रवासी मजदूरों की अस्थायी झुग्गियों में ही हुई हैं। ऐसे में इन लोगों को भी आग की घटनाओं के प्रति जागरूक करना अति आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जंगलों में सूखी घास को आग न लगाएं तथा आग की घटनाओं के प्रति सचेत रहें। अगर आसपास इस तरह की कोई घटना होती है तो तुरंत जिला प्रशासन को टोल फ्री नंबर 101, 1077 पर संपर्क करें। इस अवसर पर पर एसडीएम हरोली गौरव चौधरी, एसीएफ ऊना राहुल शर्मा, डीएसपी ऊना अशोक वर्मा, बटालियन एओ धीरज शर्मा, अग्निशमन अधिकारी नितिन धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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