एक पावरफुल मंत्री के साथ नहीं टिकते अफसर

एक तो अधिकारी कम, ऊपर से यह परेशानी

शिमला –हिमाचल प्रदेश सरकार के एक पावरफुल मंत्री के साथ अधिकारी नहीं टिक पा रहे हैं। आखिर इसका कारण क्या है, यह समझ से बाहर है। इस सरकार में पहले बागबानी प्रोजेक्ट फिर नियुक्ति की सिफारिशों को लेकर विवादों में आए मंत्री की पावर अब भी इतनी है कि उनके कहने पर अधिकारी लगाए व हटाए जा रहे हैं। इनके साथ काम करने को अब कोई अधिकारी तैयार नहीं हो रहा है। बार-बार इनके विभागों से सचिव स्तर के अधिकारी आखिर क्यों बदल रहे हैं, इस पर सरकार भी नहीं सोच रही और इनके कहने पर तबादले हो रहे हैं। आईपीएच विभाग में पहले ओंकार शर्मा सेवाएं दे रहे थे, जिनके बाद यहां पर देवेश कुमार को लाया गया। देवेश कुमार ने काफी समय तक यहां पर काम किया और फिर उनकी नियुक्ति चुनाव आयोग में हो गई। ऐसे में विभाग फिर से ओंकार शर्मा को सौंपा गया, जिन्होंने कुछ महीने पहले ही विभाग में काम शुरू किया था, लेकिन अब उनसे फिर विभाग वापस ले लिया गया। शुक्रवार को ही यह आदेश हुए और अब डा. आरएन बत्ता को यह विभाग अतिरिक्त रूप से दे दिया गया, जिनके पास पहले से कई विभाग मौजूद हैं। सरकार के पास पहले ही अधिकारियों की कमी है, इस पर एक अधिकारी को छह-छह विभागों का जिम्मा सौंपा जा रहा है, जो किस तरह से इन्हें संभालेगा, यह भी समझ से परे है। सचिवालय में कई अधिकारी ऐसे हैं, जिनके पास काम ही नहीं है, मगर सरकार इनको काम देना ही नहीं चाहती। इनके पास जो विभाग थे, वे भी वापस ले लिए गए हैं। एक तरफ अफसरों से विभाग वापस लिए जा रहे हैं तो दूसरी ओर कुछेक को इतना ज्यादा काम दे दिया गया है कि वह खुद परेशान हैं। बताया जाता है कि सरकार के इस पावरफुल मंत्री के पास बागबानी विभाग में भी कुछ ऐसा ही आलम है, जहां से जेसी शर्मा को एक प्रोजेक्ट के चक्कर में हटा दिया गया था। इसके बाद आरडी धीमान को यह विभाग सौंपा, जिनके पास पहले ही कई महत्त्वपूर्ण विभाग हैं। इसके बाद फिर दिनेश मल्होत्रा को यह विभाग दिया गया है। यानी मंत्री जी के पास जो भी विभाग हैं, उनमें अधिकारी टिक नहीं रहे हैं और उन्हें बार-बार बदला जा रहा है। एक तरफ आलम यह है और दूसरी तरफ कई ऐसे अधिकारी हैं, जो सरकार बनने के बाद से वही विभाग देख रहे हैं, जहां पर लगाए थे, क्योंकि उनका मंत्रियों के साथ बेहतर समन्वय है। ऐसे में एक ही मंत्री के साथ झंझट क्यों हो रहा है, इस पर अफसरशाही चर्चा कर रही है।

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