एक महीने में 17 भ्रष्टाचारी पकड़े

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की विशेष मुहिम रंग लाई, 16 सरकारी कर्मचारियों समेत एक निजी कर्मी रंगे हाथ दबोचा

चंडीगढ़ -पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध शुरू की गई मुहिम के अंतर्गत मई महीने के दौरान कुल 12 छापे मारकर 16 सरकारी कर्मचारियों और  एक प्राइवेट व्यक्ति को विभिन्न मामलों में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया, जिनमें पुलिस विभाग के चार, राजस्व विभाग के तीन और अन्य विभिन्न विभागों के नौ कर्मचारी शामिल हैं। इस संबंधी चीफ डायरैक्टर कम एडीजीपी विजिलेंस ब्यूरो पंजाब बीके उपल ने कहा कि इस दौरान ब्यूरो ने सार्वजनिक सेवाओं और अन्य क्षेत्रों में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अपनी पूरी कोशिश की। इस दिशा में विजिलेंस के परीक्षक अधिकारियों ने राज्य की विभिन्न अदालतों में चलते मुकद्मों के दौरान दोषियों को न्यायिक सजा दिलाने के लिए पुख्ता पैरवी की। उन्होंने बताया कि पिछले महीने के दौरान ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार संबंधी 15 मामलों के चालान विभिन्न विशेष अदालतों में पेश किए गए। इसी महीने सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में और गहराई से पड़ताल करने के लिए विजिलेंस द्वारा चार मुकद्मे भी दर्ज किए गए।  इसी दौरान भ्रष्टाचार संबंधी लगाए गए इल्जामों की पुख्ता पड़ताल के लिए एक और विजिलेंस पड़ताल भी दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि विजिलेंस द्वारा दर्ज किए मामलों की सुनवाई के दौरान पिछले महीने दो विभिन्न विशेष अदालतों ने दो सरकारी कर्मचारियों को सजा और जुर्माने किए हैं, जिनमें मोगा में तैनात कानूनगो गुरमेल सिंह और पटवारी सोहन सिंह को मोगा की अदालत द्वारा चार-चार साल की कैद और पांच-पांच हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। इस तरह दूसरे केस में पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के एक कालेज घनौर जिला पटियाला में तैनात लैक्चरर अरमान कुमार को पटियाला की अदालत द्वारा पांच साल की कैद और 20,000 रुपए का जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

 

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